रांची
झारखंड की राजधानी रांची से स्वर्णकार समाज के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन ने समाज के समग्र विकास तथा सर्राफा व्यवसायियों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से 17 सूत्रीय संकल्प पत्र जारी किया है। इस घोषणा के बाद पूरे झारखंड के स्वर्णकार समाज एवं सर्राफा व्यवसायियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। संगठन द्वारा जारी संकल्प पत्र में समाज को एकजुट करने, युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा व्यापारिक चुनौतियों के समाधान हेतु ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत की गई है। संगठन का मानना है कि संगठित समाज ही अपने अधिकारों और हितों की प्रभावी रक्षा कर सकता है।

व्यापारिक हितों की सुरक्षा पर विशेष जोर
संकल्प पत्र के अनुसार ज्वेलर्स एवं स्वर्ण व्यवसायियों को व्यापार के दौरान आने वाली कानूनी, प्रशासनिक एवं अन्य समस्याओं के समाधान हेतु संगठन हरसंभव सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेगा। साथ ही समाज के वरिष्ठ एवं अनुभवी व्यवसायियों को सम्मानित कर उनके अनुभवों का लाभ नई पीढ़ी तक पहुंचाने की योजना भी बनाई गई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि सम्मान समारोह में केवल उन्हीं व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा जिनका संगठन में विधिवत पंजीकरण हो चुका है तथा जिन्हें संगठन द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है।

युवाओं को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
बदलते समय के अनुरूप स्वर्ण कला एवं आभूषण व्यवसाय को आधुनिक स्वरूप देने के लिए युवाओं एवं कारीगरों हेतु ज्वेलरी डिजाइनिंग, डिजिटल तकनीक एवं आधुनिक उत्पादन प्रणाली से संबंधित प्रशिक्षण शिविरों और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा स्थानीय कारीगरों को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। संगठन ने निर्धन एवं मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करने, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने तथा ज्वेलरी डिजाइनिंग से जुड़े प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना का भी लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसके अतिरिक्त गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क औषधालय, स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस सेवा तथा निराश्रित एवं परित्यक्ता महिलाओं के लिए आश्रय, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। संगठन समाजहित के कार्यों को सुदृढ़ करने हेतु स्थायी संचित कोष के निर्माण की दिशा में भी कार्य करेगा।

सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा नया आयाम
संकल्प पत्र में समाज के गौरवशाली इतिहास एवं महापुरुषों के सम्मान को भी प्रमुखता दी गई है। महाराजा अम्बरीष जी, संत शिरोमणि नरहरी जी, महाराजा अजमीढ़ जी तथा भगवान विश्वकर्मा जी की स्मृति में चौराहों का नामकरण, प्रतिमाओं की स्थापना एवं धर्मशालाओं के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। संगठन द्वारा जारी इस संकल्प पत्र का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु ‘एक ध्वज, एक पहचान’ का आह्वान है। इसके माध्यम से पूरे स्वर्णकार समाज को एक मंच और एक पहचान के अंतर्गत संगठित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संगठन का मानना है कि समाज की एकजुटता से उसकी राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के अधिकारों, सम्मान और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एकजुटता ही सबसे बड़ी शक्ति है। इसी उद्देश्य से सदस्यता अभियान को भी व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
14 जून को होगा शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह
संगठन द्वारा 14 जून को रेलवे स्टेशन के समीप स्थित होटल ब्लू शिवालिक में शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा, एवं पूर्व विधायक जय प्रकाश गुप्ता, उप महापौर माननीय नीरज कुमार, संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पृथ्वीपाल सिंह तथा राष्ट्रीय महामंत्री दीपक वर्मा सहित अनेक राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।

प्रेस वार्ता में रहे उपस्थित
इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद सोनी, संगठन मंत्री राजेश प्रसाद साहू, प्रदेश कोषाध्यक्ष शंभू प्रसाद, महानगर अध्यक्ष पंकज प्रसाद, प्रदेश मंत्री मनोज सोनी, प्रदेश महामंत्री विनोद वर्मा, महामंत्री त्रिभुवन प्रसाद तथा रिवाल्डो वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रांची से प्रारंभ हुई यह मुहिम आने वाले दिनों में पूरे झारखंड के स्वर्णकार समाज और सर्राफा व्यापार जगत को नई दिशा प्रदान कर सकती है। यदि संगठन अपने 17 सूत्रीय एजेंडे को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने में सफल होता है, तो यह समाज के सामाजिक उत्थान, आर्थिक सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित करेगा।
