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राज्यकर्मी का दर्जा सहित 6 मांगों को लेकर JSLPS कर्मचारियों का विरोध, पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

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द फॉलोअप डेस्क
झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ ने पलाश JSLPS के स्तर 7 और 8 के कर्मचारियों की 6 प्रमुख मांगों को लेकर राज्यस्तरीय दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। यह विरोध प्रदर्शन आज, 7 अक्टूबर से शुरू होकर 8 अक्टूबर तक JSLPS कार्यालय, इटकी रोड में आयोजित होगा। इस विरोध में राज्य भर के विभिन्न जिलों से आये JSLPS के L7 और L8 स्तर के कर्मचारी भाग ले रहे हैं।

बता दें कि झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ ने 2 सितंबर को पलाश JSLPS के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को एक 6 सूत्री मांग पत्र सौंपा था। इस पत्र में कर्मचारियों ने अपनी 6 प्रमुख मांगों को उठाया है, जिनमें प्रमुख रूप से राज्यकर्मी का दर्जा देने, सेवा स्थायीकरण, वेतनमान और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
कर्मचारियों ने मांग की है कि पलाश JSLPS के सोसाइटी एक्ट को समाप्त कर उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए। जब तक राज्यकर्मी, सेवा स्थायीकरण और वेतनमान NMMU पॉलिसी के तहत लागू नहीं किया जाता, तब तक सामान्य कार्यों के लिए सामान्य वेतन सुनिश्चित किया जाए। इससे कर्मचारियों को उनके मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा।

कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि NMMU पॉलिसी को लागू किया जाए। केंद्र सरकार ने 2024 के अंत तक इसे सभी राज्यों में लागू करने का निर्देश दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि इस नीति को शीघ्र लागू किया जाए ताकि महंगाई के इस दौर में उन्हें कुछ आर्थिक राहत मिल सके।

प्रखंड स्तर के स्तर-07 और स्तर-08 के कर्मचारियों के लिए आंतरिक प्रोन्नति का मार्ग खोलने की भी मांग की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें वरीयता, अनुभव और योग्यता के आधार पर उच्च पदों पर नियुक्त किया जाए, ताकि उनके काम में और अधिक दक्षता और जिम्मेदारी आए।
कर्मचारियों ने राज्य सरकार के कर्मचारियों की तरह पलाश JSLPS के कर्मचारियों के लिए 03% वार्षिक वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते को जोड़ते हुए 10% वार्षिक वेतन वृद्धि की मांग की है। साथ ही, अब तक की बकाए वेतन वृद्धि का लाभ शीघ्र देने की भी अपील की गई है, ताकि कर्मचारियों को उनके मेहनत का उचित पारिश्रमिक मिल सके।

कर्मचारियों ने यह भी मांग की है कि स्तर-07 और स्तर-08 के कर्मियों को उनके गृह जिले के निकटवर्ती प्रखंडों में स्थायी रूप से पदस्थापित किया जाए। इससे सरकारी योजनाओं का कुशलतापूर्वक क्रियान्वयन हो सकेगा और कर्मचारी अपनी क्षेत्रीय जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकेंगे।
इसके अलावा, कर्मचारियों ने विभाग के निर्देशों के आलोक में अब तक अन्य जिलों में पदस्थापित किए गए कर्मचारियों को उनके गृह जिले के निकटवर्ती प्रखंडों में यथाशीघ्र पुनः पदस्थापित करने की मांग की है। इससे कर्मचारियों को अपने परिवार के पास रहने और काम में बेहतर फोकस करने में मदद मिलेगी।

झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ का कहना है कि जब तक इन सभी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारी अपनी मांगों के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे और इसे लेकर संघर्ष करते रहेंगे।


 

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