JSSC-CGL मामले में CID की जांच जारी है। इसी बीच पीड़ित और जागरूक अभ्यर्थियों ने एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में रांची, साहिबगंज, जामताड़ा, चाईबासा, गुमला और चतरा जिले में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर समेत अन्य पदों पर पदस्थापित कई संदिग्ध चुने गए अभ्यर्थियों के नाम का जिक्र किया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इन मामलों की जांच हो सकती है।रिपोर्ट में संदिग्ध चयनित अभ्यर्थियों के परीक्षा रोल नंबर, करंट पोस्टिंग, गृह जिला और जन्मतिथि समेत कई जानकारियां साझा की गई हैं। अभ्यर्थियों के मुताबिक, ये सूची परीक्षा में संदेहास्पद पाए गए मामलों के आधार पर तैयार की गई है। उन्होंने सक्षम प्राधिकार और जांच एजेंसी से इन मामलों पर त्वरित और निष्पक्ष संज्ञान लेने की मांग की है।

तकनीकी साक्ष्यों के मिलान की मांग
धांधली की आशंका जताते हुए अभ्यर्थियों ने आयोग और संबंधित विभागों से कई मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की है। इनमें सबसे प्रमुख मांग परीक्षा की मूल OMR शीट, परीक्षा केंद्रों के CCTV फुटेज और बायोमेट्रिक उपस्थिति के आंकड़ों का गहन मिलान करने की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इन तकनीकी साक्ष्यों की जांच से परीक्षा में किसी तरह की अनियमितता हुई है या नहीं, इसका पता लगाने में मदद मिल सकती है।
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विभागीय जांच और स्वतंत्र एजेंसी से पड़ताल
अभ्यर्थियों ने खाद्य और उपभोक्ता मामले निदेशालय, राजस्व, श्रम और कार्मिक विभाग में पदस्थापित या अनुशंसित संदिग्ध रोल नंबरों और मेधा क्रमांकों की जांच की मांग की है। इसके अलावा, पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए किसी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच एजेंसी से इन सभी आठ मामलों की पड़ताल कराने की अपील की गई है। फिलहाल, इन अभ्यर्थियों के खिलाफ लगाए गए संदेहों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन मामलों में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।