नंदलाल तुरी
पाकुड़ सदर प्रखंड के गोकुलपुर में अमावस्या की रात आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्य सड़क के समीप स्थित काली थान परिसर में ग्रामीणों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ मां काली की पूजा-अर्चना की। परंपरा के अनुसार जिन श्रद्धालुओं की मन्नतें पूरी हो चुकी थीं, उन्होंने कृतज्ञता स्वरूप पाठा (बकरी) की बलि दी।
गुरुवार शाम आयोजित इस मेले में ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। दुकानें, झूले, स्थानीय व्यंजन और धार्मिक कार्यक्रमों ने मेले की रौनक बढ़ा दी। माहौल ऐसा था मानो पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठा हो। ग्रामीणों का मानना है कि गोकुलपुर काली थान में सच्चे मन से मां काली से मांगी गई मन्नतें अवश्य पूरी होती हैं। इसी आस्था के कारण अमावस्या को यहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है और मेला पूरे इलाके का प्रमुख आकर्षण बन जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्षों पुरानी यह परंपरा आज भी उसी उत्साह, भक्ति और अनुशासन के साथ निभाई.
