नंदलाल तुरी
पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत करियोडीह में शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-333ए चौड़ीकरण परियोजना के तहत कथित मनमाने भूमि अधिग्रहण के विरोध में ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे से शाम 3 बजे तक सैकड़ों ग्रामीण, जिनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे, स्कूल के समीप पाकुड़-दुमका मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठे और एक घंटे तक सांकेतिक चक्का जाम किया।
ग्रामीण हाथों में तख्तियां लेकर “भूमि अर्जन एक्ट 2013 का पालन करो” और “पेसा कानून लागू करो” जैसे नारे लगा रहे थे। ग्राम प्रधान श्वेता मरांडी ने कहा कि यह आंदोलन हमारी आजीविका की रक्षा के लिए है। भूमि सर्वेक्षण एकतरफा तरीके से किया गया है और 5वीं अनुसूची क्षेत्र होने के बावजूद ग्राम सभा की सहमति नहीं ली गई, जो पेसा एक्ट का उल्लंघन है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि करियोडीह का एकमात्र हाई स्कूल, जो आसपास के कई गांवों के सैकड़ों बच्चों की शिक्षा का आधार है, अधिग्रहण क्षेत्र से बाहर रखा जाए।
धरने के बाद ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त के नाम ज्ञापन अंचल कर्मी को सौंपा, जिसमें भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया रोकने, पारदर्शी सर्वेक्षण कराने, उचित मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित करने तथा ग्राम सभा की सहमति से ही आगे की प्रक्रिया चलाने की मांग की गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
