द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के कोल्हान क्षेत्र से लगातार बढ़ती गुमशुदगी की घटनाओं ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में 1 जनवरी 2025 से जनवरी 2026 तक कुल 212 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि इनमें महिलाओं और युवतियों की संख्या सबसे ज्यादा है। आंकड़े बताते हैं कि कुल लापता लोगों में 106 महिलाएं और युवतियां शामिल हैं, जो करीब 50 प्रतिशत है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने सुरक्षा व्यवस्था और मानव तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पूर्वी सिंहभूम में सबसे ज्यादा मामले
तीनों जिलों में सबसे अधिक गुमशुदगी के मामले पूर्वी सिंहभूम जिले में दर्ज किए गए हैं। यहां कुल 120 लोग लापता हैं, जिनमें 64 महिलाएं, तीन नाबालिग और 53 युवा व पुरुष शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कई मामलों में लंबे समय बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। लगातार बढ़ती घटनाओं से परिजनों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।सरायकेला-खरसावां जिले में 73 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनमें 33 युवतियां व महिलाएं, 31 युवा व पुरुष और नौ नाबालिग शामिल हैं। वहीं पश्चिमी सिंहभूम जिले में 19 लोग लापता बताए गए हैं, जिनमें नौ महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। 12 नाबालिग बच्चों का लापता होना पुलिस और प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।

मानव तस्करी की आशंका, पुलिस चला रही अभियान
जानकारों का मानना है कि कई लापता लोग मानव तस्करी का शिकार हो सकते हैं। अक्सर रोजगार और बेहतर जिंदगी का झांसा देकर लोगों को बाहरी राज्यों में ले जाया जाता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस “प्रोजेक्ट मिलाप” अभियान चला रही है। सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने कहा कि अभियान के तहत कई लोगों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया गया है और बाकी लापता लोगों की तलाश प्राथमिकता के आधार पर जारी है।