जामताड़ा
जामताड़ा जिले से एक बेहद संवेदनशील और आक्रोश पैदा करने वाली घटना सामने आई है। गुरुवार को यहाँ भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को आहत किया है, बल्कि जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल
हैरानी की बात यह है कि यह घटना जामताड़ा थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर अंजाम दी गई। इतना ही नहीं, घटनास्थल से वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक के आवास की दूरी भी आधा किलोमीटर से कम है। इतने महत्वपूर्ण और सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में उपद्रवियों द्वारा ऐसी हरकत करना पुलिस की मुस्तैदी और गश्त पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।

स्वास्थ्य मंत्री की चुप्पी पर चर्चा तेज
जिले में सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि घटना के समय स्वास्थ्य मंत्री खुद जामताड़ा में ही एक निजी शिलान्यास कार्यक्रम में मौजूद थे। सुबह से शाम बीत जाने के बावजूद, मंत्री महोदय का घटनास्थल पर न पहुँचना और मामले की सुध न लेना लोगों के बीच आक्रोश का कारण बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मंत्री के गृह क्षेत्र में पहले भी कई ऐसी घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनका अब तक खुलासा नहीं हो पाया है।
जनता में भारी आक्रोश
लोगों का आरोप है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस तरह के मामलों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। भगवान बिरसा मुंडा, जो पूरे राज्य के लिए अस्मिता और गौरव के प्रतीक हैं, उनकी प्रतिमा के साथ हुई इस बर्बरता ने जिले के माहौल को गरमा दिया है। लोग अब जल्द से जल्द दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
