द फॉलोअप डेस्क
आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) ने निंदा की। उन्होंने सरकार से मांग किया है कि लाठीचार्ज के जिम्मेवार अधिकारियों पर कारवाई हो। आरवाईए के राज्य अध्यक्ष संदीप जयसवाल ने इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि आज रोजगार के जो हालात है देश में उसने मजबूर कर दिया है कि नौजवान सड़क पर उतरें। रोजगार के सवाल पर राज्य की हेमंत की सरकार, केंद्र की मोदी सरकार के नक्शे कदम पर चलती दिखाई दे रही है। पहले रोजगार का लोक लुभावन वादा करना, उसके बाद नियुक्तियां नही करना और आंदोलन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज करना, केस करना, उन्हें जेल में डालना, इन हथकंडों को पिछले 8 साल से नरेंद्र मोदी की सरकार ने अपनाया हुआ है। मगर आज हेमंत सोरेन की सरकार भी उसी ओर कदम बढ़ाती दिख रही है। आरवाईए ने सरकार से अपील की है कि मोदी के रास्ते बढ़ने, लाठीचार्ज से आंदोलनों को शांत कराने की बजाय नौजवानों की बात सुने। तमाम रिक्त पड़े पदों पर बहालियां सुनिश्चित करे।

झारखंड विरोधी केंद्र सरकार को करें एक्सपोज
आरवाईए ने सरकार से कहा है कि 1932 खतियान और 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू नहीं करने के सवाल पर झारखंड विरोधी भाजपा की केंद्र सरकार को एक्सपोज करें, उन्हें मजबूर करें। आज इस देश के सबसे प्रिय नौजवान की शहादत का दिन है, जिसने शोषणविहीन समाजवादी राज्य के सपने लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा था। आरवाईए ने आज भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, और पाश की शहादत को याद करते हुए देश भर में युवा अधिकार मार्च निकाला है। झारखंड में भी नौजवान रोजगार के सवाल पर युवा अधिकार मार्च के बैनर तले सड़कों पर उतर कर रोजगार बचाओ – देश बचाओ अभियान को तेज करने का संकल्प लिया है।

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