जामताड़ा:
जामताड़ा की अदालत ने करमाटांड़ थानाक्षेत्र में हुए एक सनसनीखेज अपहरण कांड में त्वरित फैसला सुनाते हुए आरोपी आजाद अंसारी को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण के न्यायालय ने शुक्रवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला दिया। अदालत ने देवघर जिले के मार्गोमुंडा निवासी आरोपी आजाद अंसारी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(2) के तहत दोषी पाते हुए उम्रकैद और 10,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी करार दिया गया है।

अपहरण से सजा तक मामले में क्या हुआ!
दुकान से हुआ था अपहरण: घटना 1 नवंबर 2025 की है। करमाटांड़ थानाक्षेत्र के तेंदुआडीह निवासी रिजवान मियां के पुत्र आरिफ अंसारी मोहनपुर स्थित अपनी इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर थे। इसी दौरान कुछ लोग बोलेरो से आए और जबरन उनका अपहरण कर नारायणपुर की ओर भाग गए।

15 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी
अपहरणकर्ताओं ने आरिफ के पिता से फोन पर 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी और रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद कर्माटांड़ थाने में कांड संख्या 107/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले में सरकार की ओर से कुल 9 गवाहों का परीक्षण कराया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक (APP) सोनी कुमारी ने पुरजोर तरीके से सरकार का पक्ष रखा।
अदालत ने बीते 13 जुलाई को ही आरोपी आजाद अंसारी को दोषी करार दे दिया था। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 17 जुलाई की तिथि तय की गई थी। शुक्रवार को सजा का एलान होते ही पुलिस ने दोषी को कड़ी सुरक्षा में मंडल कारा (जेल) भेज दिया।