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साहिबगंज के बरहेट प्रखंड में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में फर्जीवाड़े की आशंका, जानें पूरा मामला!

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अजीत जायसवाल/साहिबगंज:

साहिबगंज में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में भारी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जानकारी मिली है कि बरहेट प्रखंड में अयोग्य युवा, वृद्ध, विकलांग और 50 साल से कम उम्र की महिला और पुरुषों को गलत तरीके से पेंशन का लाभ दिया गया। आरोप है कि आधार कार्ड में छेड़छाड़ करके प्रखंड कार्यालय के कर्मी, बाबू और बिचौलियों  ने इस गड़बड़ी को अंजाम दिया है। गौरतलब है कि बरहेट प्रखंड में पिछले 2 साल से 18 हजार लाभुकों को स्वीकृति के साथ पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। अब इसी में फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। दावा किया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े की वजह से प्रतिमाह सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा है।

जानकारी मिली है कि राहुल कुमार नाम के कंप्यूटर ऑपरेटर ने गलत तरीके से हजारों लोगों का  नाम सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में चढ़ाया और महीने से राशि का उठाव करता रहा। बाद में बोरियो प्रखंड में उसका तबादला कर दिया गया। संभव है कि दोनों प्रखंडों में इसकी जांच होगी। 

जिला प्रशासन ने शुरू की मामले की जांच
आज जिला प्रशासन की ओर से जिले के डीडीसी और एडीसी बरहेट प्रखंड कार्यालय पहुंचे और छानबीन की। कर्मियों से पूछताछ की गई है। अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा के इस पूरे मामले पर खुलकर कुछ भी बताने से इनकार किया है। केवल इतनी जानकारी दी है कि मामले की शिकायत मिली है और छानबीन की जा रही है।

आरंभिक जांच में इनपर गहराया संदेह
आरंभिक जांच में इस फर्जीवाडे़ में प्रखंड कार्यालय के निम्नवर्गीय कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और बिचौलियों की भूमिका सामने आई है। मामला सामने आते ही जिला प्रशासन सतर्क हो गया है और सभी संभावित अयोग्य लाभुकों  का खाता होल्ड किया गया है। आरंभिक जांच में ऐसा पता चला है कि अलग-अलग फर्जी दस्तावेजों के सहारे पेंशन योजना का लाभ लिया गया। मसलन, कोई महिला पति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र दिखाकर विधवा पेंशन का लाभ ले रही है तो वहीं 14-15 साल  के बच्चों का फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाकर आर्थिक लाभ लिया जा रहा है। 50 साल से कम उम्र के महिला और पुरुषों के आधार कार्ड में छेड़छाड़ करके उन्हें वृद्धा पेंशन का लाभ दिलाया  जा रहा है। 

पेंशन योजना में इस तरह हुआ फर्जीवाड़ा
दरअसल, पेंशन योजना के लिए आवेदन करते समय लाभुकों को उम्र प्रमाण पत्र संलग्न करना होता है, इसमें पहली प्राथमिकता शैक्षणिक  प्रमाण पत्र होता है। हालांकि, जिनके पास शैक्षणिक प्रमाण पत्र नहीं  है, उन्हें आधार कार्ड जमा कराने का विकल्प दिया जाता है। आरंभिक जांच से ऐसा पता चला है कि बिचौलियों ने इसी का सहारा लिया। यहां तक कि जो लोग  शिक्षित हैं, उनका भी आधार कार्ड ही उम्र प्रमाण पत्र के तौर पर लिया गया। आरोप है कि 60 साल से कम आयु के लोगों के आधार कार्ड में छेड़छाड़ की गई। जन्मतिथि को एडिट कर उसे 60 साल या उससे ऊपर दिखा दिया गया और आवेदन कर दिया गया। 

दस्तावेजों में छेड़छाड़  करके वित्तीय गड़बड़ी
दावा है कि कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें फोन नंबर, आधार कार्ड और नाम मेल नहीं खाते। तीनों अलग-अलग लोगों के हैं। गौरतलब है कि पिछले 2 साल में बरहेट प्रखंड में 18000 पेंशन योजना स्वीकृत की गई। उनमें पेंशन से संबंधित 6500 दस्तावेज तो नजारत में मिले, लेकिन 12000 दस्तावेज गायब हैं। गौरतलब है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत लाभुक को प्रतिमाह 1000 रुपया दिया जाता है। एक लाभुक को इस हिसाब से सालभर में 12000 रुपये मिलते हैं। अब 2 वर्षों में अयोग्य लाभुकों को मिल रहे पेंशन  की राशि को जोड़ा दिया जाए तो अनुमान है कि सरकार को प्रतिमाह करोड़ों की चपत लग रही है। 

इस मामले में अब प्रखंड कार्यालय की ओर से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल कुमार को शोकॉज किया गया है। बरहेट प्रखंड के अंतर्गत कुल 22 पंचायत हैं। आशंका है कि गोपलाडीह,  बरहेट बाजार, छूछी, बोड़बांध, कदमा, लबरी, सिमरा,  हिरणपुर, बरहेट दक्षिण,  बरहेट उत्तरी समेत  अन्य पंचायतों में ऐसा ही फर्जीवाड़ा किया गया है।

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