द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। दरअसल, मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों ने देशभर के हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब दंपति दिल्ली से भुवनेश्वर जाने के लिए तेजस राजधानी एक्सप्रेस से सफर कर रहा था। गुप्त सूचना पर पुलिस ने धनबाद स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस गोमो रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 से दोनों को दबोच लिया। इसके बाद उन्हें जमशेदपुर लाकर साकची थाना में पूछताछ की गई और मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि मुख्य आरोपी चंद्रभूषण सिंह, बिहार के वैशाली जिले के दामोदर गांव का निवासी है। उसकी तलाश पुलिस 2022 से कर रही थी। दरअसल, टेल्को निवासी सुशील कुमार सरापमा की शिकायत पर 22 अप्रैल 2022 को साकची थाना कांड संख्या 74/22 दर्ज किया गया था। इसमें चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी को प्राथमिक आरोपी बनाया गया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी के नाम पर इन दोनों ने देशभर में करोड़ों रुपये का चूना लगाया। साकची थाना प्रभारी आनंद मिश्रा की अगुवाई में गठित टीम ने गुप्त ऑपरेशन चलाकर दंपति को पकड़ा।
इधर जैसे ही गिरफ्तारी की खबर फैली, सैकड़ों निवेशक साकची थाना पहुंच गए। आक्रोशित निवेशकों ने बताया कि मैक्सीजोन का मुख्यालय गाजियाबाद में है और इसका ब्रांच ऑफिस 2020 में जमशेदपुर के काशीडीह में खोला गया था। कंपनी ने शुरुआत में शेयर मार्केट और क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर 20% तक मासिक मुनाफा देने का लालच दिया। भारी मुनाफे के झांसे में आकर जमशेदपुर के हजारों लोगों ने लाखों रुपये निवेश कर दिये। बाद में मुनाफा घटाकर 20 से 17, फिर 15 फीसदी कर दिया गया। साथ ही नए लोगों को जोड़ने पर 5% अतिरिक्त फायदा देने का खेल भी शुरू हुआ। कोरोना काल में निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ी और 2022 में कंपनी अचानक 100 करोड़ रुपये से अधिक लेकर फरार हो गई।
