जामताड़ा:
जामताड़ा में खनन माफिया द्वारा माइनिंग इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार के सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और उनकी रेकी करके जान से मारने की धमकी देने का मामला प्रकाश में आया है। जामताड़ा में अवैध खनन और परिवहन पर लगाम कसने की तैयारी में लगे अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। बताया जाता है कि माइनिंग इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार सोनवाद इलाके में अवैध खनन और परिवहन की जांच के लिए जा रहे थे, तभी कुछ अज्ञात बाइक सवार लोगों ने उनका पीछा किया। रास्ते में उनकी सरकारी गाड़ी रुकवाई गई और उनके साथ बदसलूकी की गई। लिखित आवेदन में माइनिंग इंस्पेक्टर ने आरोप लगाया है कि अपराधियों ने उनकी गाड़ी का शीशा पीटते हुए ऊंची आवाज में चिल्लाकर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया
माइनिंग इंस्पेक्टर ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत इसकी सूचना जामताड़ा थाना को दी। पुलिस बल के मौके पर पहुंचते ही अपराधी वहां से भाग निकले। हालांकि, पुलिस ने भाग रहे बदमाशों में से एक की पहचान अनूप दास के रूप में की है। पुलिस ने कांड संख्या 60/26 दर्ज कर अनूप दास सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकी देने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

जामताड़ा में पहले भी खनन विभाग को मिली चुनौती
कहा जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है जब जामताड़ा में खनन विभाग को चुनौती दी गई हो। आवेदन में इंस्पेक्टर ने बताया कि माफिया अक्सर उनकी रेकी करते रहते हैं। इससे पहले भी बालू माफियाओं ने जांच के दौरान अवैध बालू से लदी 2 गाड़ियों को पुलिस की गिरफ्त से जबरन छुड़ा लिया था। उस मामले में भी दो नामजद आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया था।
जामताड़ा में जिस तरह से अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं, वह जिला प्रशासन और कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। अधिकारियों का कहना है कि माफियाओं के इस "सिंडिकेट" को तोड़ने के लिए कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।