द फॉलोअप डेस्क
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आज कांके रोड स्थित कृषि निदेशालय का औचक निरीक्षण किया। दोपहर के समय मंत्री के अचानक निदेशालय पहुंचने से वहां हलचल मच गई। निदेशालय के बड़े अधिकारी सूचना मिलते ही भागते हुए मंत्री के समक्ष पहुंचे। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कृषि निदेशालय के विभिन्न कमरों में जाकर विभागीय कर्मियों और अधिकारियों से उनके काम की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री किसान कॉल सेंटर भी पहुंची और वहां शिकायत दर्ज कराने वाले किसानों की समस्याओं के समाधान की जानकारी ली।
मंत्री ने इस दौरान एक किसान को खुद अपने नंबर से फोन कर समस्या के समाधान की स्थिति के बारे में पूछा, जिसका जवाब किसान ने समाधान होने की बात कही। किसान कॉल सेंटर का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में किसानों की समस्याओं को जानना और उनका समाधान करना है।
औचक निरीक्षण के बाद कृषि निदेशालय में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में राज्य में अतिवृष्टि के कारण किसानों को हो रही समस्याओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 100 प्रतिशत अनुदान पर लेट खरीफ का बीज वितरण किया जाएगा। इसमें सरगुजा, अरहर, कुरथी सहित अन्य बीजों का वितरण अगस्त माह के अंत तक किया जाएगा। लेट खरीफ बीज वितरण में मौजूदा फसल क्षति की रिपोर्ट देने वाले किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही रबी फसल का बीज वितरण इस बार सिर्फ लैंप-पैक्स के माध्यम से नहीं होगा, बल्कि लाइसेंस प्राप्त बीज विक्रेता भी इसका वितरण करेंगे।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कृषि फसल सुरक्षा अभियान के लिए जिला स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाएगी। फसल को हो रहे नुकसान से संबंधित रिपोर्ट के आधार पर फसल सुरक्षा और बचाव के लिए दवा का छिड़काव किया जाएगा। एक ऐसी व्यवस्था तैयार करने की पहल की जाएगी, जिसमें दवा का छिड़काव सुनिश्चित किया जा सके। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने राज्य के किसानों के लिए संचालित किसान कॉल सेंटर को अधिक से अधिक उपयोगी बनाने का निर्देश दिया। राज्य के किसान कृषि से संबंधित किसी भी समस्या को टोल फ्री नंबर 18001231136 पर साझा कर सकते हैं। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी समस्याएं टोल फ्री नंबर पर रखें, ताकि उनका समाधान समय रहते किया जा सके। बैठक में कृषि निदेशक भोर सिंह यादव, समेति निदेशक विकास कुमार, भूमि संरक्षण निदेशक अशोक सम्राट, उद्यान के संयुक्त सचिव एस.बी. अग्रवाल भी मौजूद थे।
