द फॉलोअप डेस्क
राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आज रांची के भूमि संरक्षण कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। अचानक पहुंची मंत्री ने कार्यालय में कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति, कार्य संस्कृति, योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट के बारे में जानकारी ली। भूमि संरक्षण विभाग के अंतर्गत डीप बोरिंग, परकोलेशन टैंक, तालाब के जीर्णोद्धार से संबंधित विधायकों के अनुशंसा पत्र का भी उन्होंने अवलोकन किया।
इसके साथ ही, मंत्री ने ट्रैक्टर वितरण और पंपसेट वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्देश दिया, ताकि लाभुकों को सरकारी अनुदान का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। विधायकों द्वारा अनुशंसित योजनाओं के स्थल निरीक्षण में सुस्ती को देखकर मंत्री नाराज हो गईं। इस पर उन्होंने विभाग के अधीन संचालित योजनाओं को गति देने के लिए समय सीमा तय करने का आदेश दिया।
मंत्री ने कहा कि अगस्त माह के अंत तक योजना स्थल का निरीक्षण पूरी तरह से किया जाए। इसके बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी के समक्ष जांच प्रतिवेदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सितंबर माह में योजना से संबंधित सूची तैयार कर जिला उपायुक्त के पास अनुमोदन के लिए भेजी जाएगी। मंत्री ने कहा कि अक्टूबर माह में काम की शुरुआत हो जानी चाहिए।
इसके बाद, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की नामकुम के सिदरौल स्थित भगवान बिरसा मुंडा लाह मूल्य संवर्धन शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने यहां प्रशासनिक भवन और लाह गोदाम का निरीक्षण किया। लाह केंद्र में कच्चा लाह का संग्रहण, प्रसंस्करण और किसानों को प्रशिक्षण देने का कार्य किया जाता है। मंत्री ने संस्थान में लाह प्रशिक्षण से जुड़े उपकरण और संसाधनों के रख-रखाव में सुधार लाने का निर्देश दिया। मंत्री ने यह भी कहा कि लाह केंद्र में अधिक से अधिक किसानों को प्रशिक्षित किया जाए, ताकि लाह उत्पादन और प्रसंस्करण में नई उपलब्धियां हासिल की जा सकें।
