द फॉलोअप डेस्क
कैश कांड में कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली । जस्टिस एस चंद्रशेखर की अदालत ने अरगोड़ा थाना में दर्ज ज़ीरो FIR और कोलकाता में दर्ज मामला को क्वैश कर दिया गया। बता दें कि 24 फरवरी को बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को अदालत ने विधायकों को पक्ष में फैसला सुनाया है। अब यह मामला ही ख़त्म हो गया। तीनों विधायक पर लगा आरोप नहीं टिक पाया। इस खबर के दो दिन बाद फिर तीनों विधायकों के लिए बड़ी राहत की खबर मिल रही है। दरअसल तीनों विधायकों का निलंबन वापस करने के संकेत मिले हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस के केंद्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से इस संबंध में पत्र जारी भी हो सकता है। मतलब अब एक बार फिर से कांग्रेस की बैठकों व कार्यक्रम में तीनों विधायकों नजर आने लगेंगे। बताते चलें कि शनिवार को विधानसभा में ही कांग्रेस के विधायकों के बीच की दूरियां मिटती नजर आ रही थी। कांग्रेस विधायक अनूप सिंह और डॉ इरफान अंसारी ने एक दूसरे को गले लगाया। इसके साथ ही दोनों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाई। इस दौरान अनुप सिंह ने इरफान अंसारी को बड़ा भाई तो इरफान ने अनूप सिंह को छोटा भाई कहा। वहीं, इरफान अंसारी ने कहा कि भाई से गलती हो जाती है तो क्या वह अधिक दिनों तक एक दूसरे से नाराज रह सकते हैं।

अनूप सिंह ने कराया था जीरो FIR
मालूम हो की कैश कांड में डॉ इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाडी के खिलाफ विधायक अनूप सिंह ने अरगोड़ा थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कराया था। हालांकि कैश कांड में फंसे तीनों विधायकों को हाईकोर्ट से राहत मिल चुकी है. जिसके बाद विधानसभा परिसर में होली मिलन समारोह के दौरान दोनों विधायकों ने पुरानी नाराजगी को छोड़ कर एक-दूसरे को गले लगाया।

इसलिए तीनों विधायकों के खिलाफ पार्टी ने की थी कार्रवाई
सरकार को गिराने के लिए तीनों विधायकों पर पैसे लेने का आरोप लगा था। यह भी कहा गया था कि सूचक को ऐसी उम्मीद है कि सभी सरकार गिराने के लिए प्रयास कर रहे थे और उनसे भी इसमें शामिल होने को कहा गया था। लेकिन इसके समर्थन में कोई केस नहीं किया गया। तीनों कांग्रेसी विधायकों को कोलकाता पुलिस ने 30 जुलाई 22 को हावड़ा के पांचला में 49.37 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। तीनों के खिलाफ कोलकाता पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है और यह मामला फिलहाल कोलकाता के न्यायालय में लंबित है। तीनों विधायकों को कोलकाता हाईकोर्ट ने जमानत प्रदान की थी।

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