रांची:
झारखंड के अस्पतालों में आज कोविड की तैयारियों को लेकर मॉक ड्रिल किया गया। इस दौरान सूबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार सिंह सहित अस्पताल के डॉक्टर मौजूद हैं। इस दौरान रांची सदर अस्पताल में काफी अलग नजारा देखने को मिला। दोपहर 1 बजे जैसी ही एंबुलेस का सायरन बजा सभी स्वास्थ्य कर्मी सतर्क हो गए। एंबुलेंस के गेट पर पहुंचते ही पीपीइ किट पहने मेडिकल स्टाफ मरीज को स्ट्रेचर लेकर अस्पताल के भीतर जाते दिखें। साथ ही वे मरीज को हिम्मत रखने की सलाह भी दे रहे हैं। अस्पताल के भीतर दाखिल होते ही मरीज के ब्लड प्रेशर, पल्स और ऑक्सीजन लेबल की जांच होती है। मौके पर मौजूद डॉक्टर पर्ची पर दवाएं और दूसरी सलाह लिखते हैं। इसके बाद नर्स व दूसरे स्टाफ मरीज को आईसीयू यूनिट ले जाते हैं और तत्काल ऑक्सीजन मास्क लगाते हुए उसका इलाज शुरू कर दिया जाता है।

सभी स्वास्थ्य सुविधाओं ने लिया स्वास्थ्य मंत्री जायजा
सदर अस्पताल में मॉक ड्रिल के बाद स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमने यहां के सभी स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि हमें डरने की जरूरत नहीं है,हम कोरोना को लेकर पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में 19356 बेड मौजूद है। इसके साथ ही 1456 वेंटिलेटर वाले बेड हैं,1435 आइसीयू वाले बेड हैं,11356 ऑक्सीजन युक्त बेड,08 फंक्शनल आरटीपीसीआर लैब,300 ट्रूनेट मशीन कार्यरत है।

कमी जल्द से जल्द की जाएगी पूरा किया
सदन अस्पताल के अलावा रिम्स में भी तैयारियों का जायजा लिया गया। यहां रिम्स निदेशक डॉ कामेश्वर प्रसाद, मेडिकल सुपरिटेंडेंट सहित तमाम अधिकारियों ने मॉक ड्रिल बनाया। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं मसलन बेड, ऑक्सिजन वाले बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर बेड के साथ ही डॉक्टरों और दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता देखी गई। इस दौरान निदेशक को कुछ जगहों पर तैयारियां पूरी लगी तो कहीं तैयारियों में कमी भी नजर आई। निदेशक ने कहा है तैयारियों में जो कमी रह गई है उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।
ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी
मॉक ड्रिल के दौरान रिम्स के निदेशक डॉ कामेश्वर प्रसाद, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ हिरने बिरूआ और डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ शैलेश त्रिपाठी थे। निरीक्षण कर निकले रिम्स निदेशक डॉ कामेश्वर प्रसाद ने कहा कि जितने भी टेंपररी कोविड हॉस्पिटल बनाए गए थे, वे सभी दुरूस्त हैं। परिस्थिति के अनुसार उन्हें ऑपरेशन कर दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान बेड, मेट्रेस, ऑक्सीजन सप्लाई सभी हैं। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन का एलएमए टैंक खाली है, उसे रिफिल कर लिया जाएगा। इसके साथ ही ऑक्सीजन की सप्लाई भी शुरू हो जाएगी। कभी भी ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी।

स्थिति ज्यादा बिगड़ती है तो उसके लिए भी तैयार
उन्होंने बताया कि अगर स्थिति ज्यादा बिगड़ती है तो उसके लिए हम तैयार हैं। रिम्स के पार्किंग में 330 बेड का अस्पताल तैयार है। 800 डी टाइप जंबो ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिल होकर रखा है।400 छोटा बी टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर रखा हुआ है।56 हजार केएल मेडिकल ऑक्सीजन लिक्विड प्लांट एक्टिव है। पीएसए प्लांट भी एक्टिव है।

जिल स्तर पर दिए गए निर्देश
कोविड-19 के संक्रमण से बचाव और तैयारी को लेकर जिला स्तर पर गठित विभिन्न कोषांगों के वरीय पदाधिकारियों, सभी अंचल अधिकारियों, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर आयुक्त रांची नगर निगम, वरीय पुलिस अधीक्षक रांची, मंडल रेल प्रबंधक, दक्षिण पूर्व रेलवे, रांची मंडल को उपायुक्त द्वारा बचाव और रोकथाम से सम्बंधित तैयारी सुनिश्चित करने हेतु दिशा निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त द्वारा RT-PCR एवं RAT टेस्ट कोविड- 19 अंतर्गत दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार कराना तथा सभी अस्पतालों में क्षमता के अनरूप मसलन बेड, ऑक्सिजन वाले बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर बेड का जायजा लेकर तैयारी सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया है। उपायुक्त द्वारा अस्पतालों में "Dry Runs" कराकर इसकी जांच करने को कहा गया है। टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-टीकाकरण और कोविड अनुरूप व्यवहार का अनुपालन यथा- मास्क का प्रयोग, हाथ को धोना, स्वच्छता एवं सामाजिक दूरी का पालन की पांच आयामी रणनीति का अनुपालन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया है।