देवघर
देवघर नगर निगम द्वारा शहर में बढ़ते अतिक्रमण और जाम की समस्या को लेकर टावर चौक से शिक्षा सभा चौक तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सड़क किनारे लगाए गए ठेले, अवैध कब्जे और दुकानों के बाहर फैले सामान को हटाया गया। नगर निगम की टीम ने कई दुकानदारों से जुर्माना भी वसूला और दोबारा अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी दी। लेकिन इस पूरे अभियान के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी की हरकत को लेकर रही। अभियान के दौरान दुकानदारों और स्थानीय लोगों के साथ बहस और विवाद की स्थिति बन गई। इसी बीच मौके पर मौजूद एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी द्वारा पिस्टल निकालकर लहराने की घटना ने लोगों को हैरान कर दिया।

लोगों के बीच अफरा-तफरी
सड़क पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई और देखते ही देखते यह मामला चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी स्थिति में हथियार निकालने की जरूरत क्यों पड़ी। क्या आम लोगों और दुकानदारों को डराने के लिए पुलिसकर्मी को पिस्टल लहराने का अधिकार है। अगर भीड़ को नियंत्रित करना था तो पुलिस के पास अन्य तरीके भी मौजूद थे। ऐसे में खुलेआम हथियार निकालना कई सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान अक्सर विवाद और धक्का-मुक्की की स्थिति बन जाती है। ऐसे में पुलिसकर्मी अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहते हैं।

पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग
अगर भीड़ उग्र हो जाए या पुलिस पर हमला होने की आशंका हो तो पुलिसकर्मी आत्मरक्षा के लिए हथियार रखने को मजबूर होते हैं। लेकिन सवाल यह भी है कि क्या आत्मरक्षा और भीड़ नियंत्रण के नाम पर सार्वजनिक जगह पर पिस्टल लहराना उचित है। मामले पर जब देवघर एसपी प्रवीण पुष्कर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है, जानकारी मिलने पर जांच की जाएगी। वहीं घटना के बाद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई लोगों ने इस पूरे मामले की जांच कर संबंधित पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं नगर निगम की ओर से कहा गया कि शहर को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि आम लोगों को जाम और अव्यवस्था से राहत मिल सके।
