द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक और बिहार विधानसभा चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) के स्टार प्रचारक सरयू राय ने कहा है कि इस बार बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को पहले से अधिक मजबूत बहुमत मिलने जा रहा है। उन्होंने यह बात बिहार में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कही। राय ने बताया कि उन्होंने दो दिनों तक कई विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया और यह महसूस किया कि जनता नीतीश कुमार सरकार के कार्यों की प्रशंसा कर रही है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जो छवि जनता के बीच बनी है, वह अद्भुत और प्रभावशाली है।
सरयू राय ने कहा कि जो लोग नीतीश कुमार के समर्थक नहीं हैं, वे भी यह मानते हैं कि उनके पास नीतीश कुमार के खिलाफ कहने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की छवि “लार्जर देन लाइफ” है और जनता के बीच उनकी छवि एक स्टेट्समैन (राजनेता) की तरह बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र में एनडीए उम्मीदवार रुहेल रंजन की जीत लगभग तय है। कई लोग सिर्फ यूं ही चुनाव मैदान में उतर गए हैं, परंतु जनता ऐसे उम्मीदवारों को लेकर नकारात्मक चर्चा कर रही है। जैसे-जैसे मतदान का दिन नजदीक आएगा, लोग ऐसे “वोटकटवा” उम्मीदवारों को बाहर कर देंगे। सरयू राय ने कहा कि अब समय है कि “समृद्ध बिहार” की अवधारणा को धरातल पर उतारा जाए। इसके लिए जनता की क्रय शक्ति (purchasing power) बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोग यह महसूस कर रहे हैं कि यदि नीतीश कुमार की सरकार आगे भी बनी रही, तो क्रय शक्ति बढ़ाने का काम और भी आसान हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्लोगन “बिहार पकड़ चुका है रफ्तार” आने वाले दिनों में और मजबूती से चरितार्थ होगा। आज जारी संकल्प पत्र का सार यही है कि सरकार जो भी सहायता करेगी, उसका लाभ आम आदमी की क्रय शक्ति को बढ़ाने में मिले। सरयू राय ने कहा कि सरकार ने वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ने का वादा किया है, जिसका असर जमीन पर दिख रहा है। उन्होंने दोहराया कि बिहार का चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जा रहा है और यह अब तय है कि अगले मुख्यमंत्री भी नीतीश कुमार ही होंगे। इसलिए इस बार एनडीए को पहले से कहीं अधिक मजबूत बहुमत मिलेगा और एक बेहद स्थिर सरकार बनेगी।
पहले चरण के चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में वे गए थे, वहां एनडीए को 75 से अधिक सीटें मिलने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां वे नहीं जा पाए, यदि वहां भी समान माहौल है तो सीटों की संख्या और बढ़ सकती है। कृषि की स्थिति पर बोलते हुए सरयू राय ने कहा कि नालंदा, भोजपुर, रोहतास और अन्य जिलों में धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को यह आकलन (assessment) कराना चाहिए कि किन क्षेत्रों में और कितना नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि भले ही इस समय आचार संहिता लागू है, लेकिन सरकार को यह आकलन कराना चाहिए ताकि नुकसान की अधिकतम सीमा तक भरपाई की जा सके। यह कार्य नई सरकार के गठन के बाद किया जा सकता है। राय ने यह भी कहा कि इस बार रबी फसल की बुआई में देरी होगी क्योंकि बारिश बीच-बीच में जारी है, जिससे नुकसान बढ़ सकता है। इसलिए सरकार को अपने पास मौजूद आंकड़ों के आधार पर किसानों को बीज, कीटनाशक और राहत पैकेज उपलब्ध कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भले ही आचार संहिता लागू है, पर सरकार चाहे तो एक विशेष दल (special team) गठित कर सकती है जो किसानों को हुए नुकसान का आकलन करे। इस प्रक्रिया के दौरान नई सरकार गठित हो जाएगी और उसके बाद किसानों को राहत दी जा सकती है। इस प्रकार, सरयू राय ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार पहले से कहीं अधिक मजबूत होकर लौटेगी और राज्य के विकास की रफ्तार और तेज होगी।