द फॉलोअप डेस्क
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में सोमवार सुबह टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-33) पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्थानीय निवासी जितेन दास की मौत हो गई। यह हादसा चिलगु गांव के समीप हुआ, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही जान चली गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया। गौरतलब है कि पिछले पांच महीनों में चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं में करीब 44 लोगों की जान जा चुकी है। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और टाटा-रांची मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह प्रभावित हो गया।

हाईवे सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि NH-33 पर वनवे संचालन शुरू होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं होने के कारण आए दिन लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। लोगों ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड कंट्रोल सिस्टम, चेतावनी संकेतक, सर्विस रोड और अन्य सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

पुलिस ने शुरू की जांच, जनप्रतिनिधियों ने जताई चिंता
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर जाम समाप्त कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वहीं आजसू नेता हरे लाल महतो सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए हाईवे सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं ने एक बार फिर NH-33 की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।