द फॉलोअप डेस्क
उपायुक्त समीरा एस की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में कृषि, गव्य, मत्स्य, उद्यान, सहकारिता, भू-संरक्षण और पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने कृषि पदाधिकारी से कृषक समूहों का गठन, बीज वितरण और किसान पाठशाला जैसी गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने उन प्रखंड कृषि पदाधिकारियों के वेतन को स्थगित रखने के निर्देश दिए, जिनका कार्य संतोषजनक नहीं रहा।
उद्यान विभाग की समीक्षा में बनाना फार्मिंग, वेजिटेबल फार्मिंग और फ्लॉवर फार्मिंग जैसी योजनाओं की जानकारी ली गई। बताया गया कि सूची अनुमोदित हो गई है और आपूर्तिकर्ताओं को आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने अर्बन फार्मिंग के तहत समाहरणालय परिसर में गार्डनिंग कराने की योजना पर भी चर्चा की।
मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने भौतिक लक्ष्य और उपलब्धियों का विस्तारपूर्वक आकलन किया। बताया गया कि मत्स्य बीज उत्पादकों को निर्धारित 9300 स्पॉन में से 6240 की आपूर्ति की जा चुकी है। 370 मत्स्य पालकों को फीड और जाल की आपूर्ति करनी थी, जिसमें क्रमशः 313 पालकों को फीड और 313 को जाल की आपूर्ति की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, मत्स्य प्रसार प्रशिक्षण एवं अनुसंधान योजना, समेकित मत्स्य पालन योजना, फीड बेस्ड फिशरीज और केज कल्चर विस्तार योजना के तहत किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी ली गई। वेद व्यास आवास योजना के अंतर्गत गरीब मछुआरों को शीघ्र आवास प्रदान करने का निर्देश भी दिया गया।
गव्य विकास योजना के अंतर्गत दो-दुधारू गायों का वितरण, कामधेनु डेयरी फार्मिंग योजना, प्रगतिशील डेयरी कृषकों की सहायता योजना, पशु आहार एवं चार विकास योजना और प्रशिक्षण, प्रसार एवं कौशल विकास योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने उन संवेदकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए, जो पैसा लेकर गाय की आपूर्ति नहीं कर रहे थे।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में पशुओं के लिए चारा उपलब्धता, मुख्यमंत्री पशुधन योजना, पशुओं के टीकाकरण कार्य, बकरा विकास योजना, बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना, बतख चूजा वितरण योजना, ब्रायलर कुक्कुट पालन और सूकर विकास योजना की जानकारी ली गई। पशुपालन पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी कार्य निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार संपन्न हों और सभी योग्य लाभुक इसका लाभ प्राप्त करें। इस अवसर पर जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, भू-संरक्षण और पशुपालन समेत मत्स्य विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
