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झारखंड में नगर निकाय चुनाव को रास्ता साफ, विस चुनाव में उपयोग किये गये वोटर लिस्ट से ही होगी वोटिंग

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द फॉलोअप डेस्कः
झारखंड में निकाय चुनाव को रास्ता साफ होता दिख रहा है। दरअसल शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने राज्य में नगर निगम और निकाय चुनाव मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने प्रार्थी, राज्य सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग का पक्ष सुना। भारत निर्वाचन आयोग के शपथ पत्र को देखने के बाद अदालत ने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव में उपयोग किया गया वोटर लिस्ट ही अपडेटेड वोटर लिस्ट है, जिसके आधार पर नगर निकाय चुनाव कराया जा सकता है। 

दरअसल राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया कि भारत निर्वाचन आयोग से वोटर लिस्ट मिल गयी है। उसके आधार पर वह चुनाव में आगे बढ़ेगा। वार्डवार वोटर लिस्ट अलग कर चुनाव की अधिसूचना जारी की जायेगी। वार्डवार वोटरलिस्ट तैयार करने में कम से कम 75 दिन का समय लगेगा। सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 सप्ताह के बाद की तिथि निर्धारित करने को कहा। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने पैरवी की, जबकि प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विनोद सिंह ने पक्ष रखा। 

न्यायाधीश जस्टिस आनंद सेन की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा बताया गया कि राज निर्वाचन आयोग को अप टू डेट वोटर लिस्ट उपलब्ध करा दी गयी है। जिस पर राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से भी सहमति जताते हुए कोर्ट को बताया गया कि इसी वोटर लिस्ट के आधार पर चुनाव कराए जाएंगे। हाईकोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए राज्य में नगर निकाय चुनाव की घोषणा अप्रैल के अंत तक होने की संभावना है। राज्य निर्वाचन आयोग शहरी निकायों के चुनाव की तैयारी में जुट गया है। जिसके तहत भारत निर्वाचन आयोग से उपलब्ध कराए गए वोटर लिस्ट को वार्ड आधार पर विखंडित करने का काम किया जा रहा है. इसके अलावा वार्डों के गठन की भी प्रक्रिया चल रही है।


प्रार्थी रोशनी खलखो व अन्य की ओर से अवमानना याचिका दायर कर एकल पीठ के आदेश का पालन कराने की मांग की गयी है। एकल पीठ ने चार जनवरी 2024 को तीन सप्ताह के अंदर नगर निकाय चुनाव कराने के लिए अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया था। पूर्व की सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से नगर निकाय चुनाव कराने के लिए चार माह का समय की मांग की गयी थी।