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नदी और चुआं का दूषित पानी पीने को विवश हैं सिमडेगा में इस गांव के लोग, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान 

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एके साहू, सिमडेगा 
जिले के जलडेगा प्रखंड का हर अंतिम गांव आज पेयजल और बिजली की समस्या से जूझ रहा है। ऐसा नहीं है कि पंचायत के विकास मद में पेयजल की समस्या को लेकर कोई काम किया ना गया है। सभी पंचायतों में 14वें वित्त आयोग, 15वें वित आयोग एवं पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की सरकारी राशि से लाखों की लागत में गांवों में स्वच्छ पेयजल के लिए सोलर जलमीनार लगाया गया है, पर जलमीनार कम गुणवत्ता का होने के कारण एक वर्ष भी सही तरह से चल नहीं पाया। वर्तमान में जलमीनार का काम गांव की शोभा बढ़ाने के अलावा कुछ नहीं है। मामला जलडेगा प्रखंड अंतर्गत टीनगिना पंचायत के टिकरा गांव का है। जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण यहां के लोग नदी, दाड़ी और चुआं का दूषित पानी पर आश्रित हो गये हैं। कुछ नल और जलमीनार में तो जंग लगना शुरू हो गया है। इसके चलते ग्रामीण नदी का प्रदूषित पानी को अमृत मानकर पीने को विवश हैं।

6 टोलों में अभी तक नहीं पहुंची बिजली

स्थानीय लोगों ने बताया कि टिकरा राजस्व गांव के पटनीछोला, बघीयाटांड़, खुरलुटांड़, डोंगीझरिया, पुरना बस्ती, कुड़पानी, गोंड टोली, पहाड़ टोली में लगभग 220 परिवार संख्या है, जिनकी कुल आबादी 1100 के लगभग है। इन सभी टोला में कुल 12 सरकारी चपाकल है जिनमें से 8 चपाकल वर्षों से खराब पड़े हैं, ठीक इसी प्रकार इन सभी टोलों में स्वच्छ पेयजल के लिए लाखों रुपए से 9 जलमीनार अधिष्ठापित किया गया है जिसमें से 6 जलमीनार वर्षों से खराब पड़े हैं। ग्रामीणों को इन जलमीनारों से कोई लाभ नहीं मिल रहा है। कुछ लोगों के घरों में अब तक कनेक्शन पाइप भी नहीं पहुंचाया गया है। वहीं कुछ जगह जलमीनार का स्ट्रेक्चर बना कर ऐसे ही छोड़ दिया गया है। लोगों ने बताया कि बघीयाटांड़ (मुंडा बस्ती), खुरलुटांड़, डोंगीझरिया, पुरना बस्ती, कुड़पानी, गोंड टोली, पहाड़ टोली में अब तक बिजली नहीं पहुंची है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने हैं में बिजली और पानी की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए हर स्तर पर आवेदन देकर निवेदन किया लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान अभी तक न तो स्थानीय प्रशासन कर पाई और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने उनकी बातों को ऊपर तक पहुंचाया। यही नहीं स्थानीय विधायक ने भी उनकी कोई मदद नहीं किया। गांव की महिलाओं ने बताया कि कई घरों में अब तक शौचालय भी नहीं बना है।

डीलर पर भी कम अनाज देने का आरोप

गांव की अनीता देवी, संपति देवी, फ़गनी देवी, सुंदरी देवी, उर्मिला देवी, सुगन कुमारी, मायावती देवी का कहना है कि सरकार आपके द्वार में आवेदन देने के बाद भी आज तक उनका राशन कार्ड नहीं बना है। वहीं ग्रामीणों ने कुंदई होरो और इंद्राणी एसएचजी जन वितरण प्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनका राशन डीलर भी उन्हें कम अनाज देकर कार्ड में पूरा मात्रा अंकित करता है।


 

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