सिमडेगा जिले के कुरडेग प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया। खिंडा पंचायत के परकला गांव में एक अनियंत्रित हाइवा सड़क किनारे बने एक घर से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सिमडेगा जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली की एक तस्वीर सामने आई है। यहां एक 108 एंबुलेंस को दूसरी 108 एंबुलेंस की मदद से टोचन कर ले जाया जा रहा है
सिमडेगा में 12 महीने से कमीशन न मिलने, ई-पॉस मशीन के सर्वर डाउन होने और गोदाम से कम वजन के चावल मिलने पर पीडीएस डीलरों ने धरना दिया। मांगे न मानने पर हड़ताल की चेतावनी दी।
सिमडेगा के ठेठईटांगर में भारी बारिश से सड़क का एक हिस्सा और गार्डवाल बह गया, जिससे 5 एकड़ धान की फसल तबाह हो गई। नुकसान का जायजा लेने बाइक और पैदल पहुंचे विधायक नमन बिक्सल कोंगाड़ी ने जल्द मरम्मत और मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया।
सिमडेगा में जर्जर स्कूल भवन की समस्या को देखते हुए सांसद कालीचरण मुंडा ने बोंगराम विद्यालय का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि नए भवन निर्माण की अनुशंसा हो चुकी है और जल्द कार्य शुरू होगा।
सिमडेगा जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग के गर्भवती होने और प्रसव के बाद मृत शिशु को दफनाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में नामजद 40 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है।
सिमडेगा जिले में सर्पदंश के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। गर्मी हो या बरसात, जिले में विषैले सांपों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ के नागलोक क्षेत्र से सटा होने के कारण सिमडेगा में भी जहरीले सांपों की मौजूदगी अधिक देखी जा रही है।
सिमडेगा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शत-प्रतिशत पूरा। उपायुक्त कंचन सिंह ने प्रशासनिक टीम, बीएलओ और जिलेवासियों को दी बधाई व जताया आभार।
सिमडेगा के ठेठईटांगर में जामपानी पुल के पास चलती ट्रक में शॉर्ट सर्किट से अचानक भीषण आग लग गई। चालक ने समय रहते वाहन रोककर कूदते हुए अपनी जान बचाई।
सिमडेगा के बानो प्रखंड स्थित टोंगरी टोली में बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। वर्षों से पुलिया निर्माण की मांग के बावजूद प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं गया है। आइए जाने इस पूरी खबर को
सिमडेगा जिले में विकास के दावों के बीच केरसई प्रखंड की टैंसेर पूर्वी पंचायत अंतर्गत मुंडगुड़ाईह गांव से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बारिश से उफान पर आए तेलगा नाला को पार करने के दौरान 42 वर्ष
सिमडेगा के पालेमुंडा गांव में जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया। खेती का विरोध करने पर रिश्तेदारों ने भुनेश्वर महतो पर धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस मामले में 5 लोगों को हिरासत में लेकर जांच कर रही है।