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सरायकेला में गहराया पेट्रोल-डीजल संकट, फ्यूल पंपों पर अफरा-तफरी, लोगों में बढ़ी बेचैनी

सरायकेला में गहराया पेट्रोल-डीजल संकट, फ्यूल पंपों पर अफरा-तफरी, लोगों में बढ़ी बेचैनी

सरायकेला-खरसावां 
सरायकेला-खरसावां जिले में पेट्रोल और डीजल का संकट अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। राष्ट्रीय उच्च पथ 33 और 32 समेत जिले की प्रमुख सड़कों के किनारे स्थित अधिकांश फ्यूल पंपों पर ईंधन की भारी किल्लत से आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। हालात ऐसे हैं कि कई पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद पड़े हैं, जबकि खुले पंपों पर भी सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। सुबह होते ही कई पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जा रही हैं। कहीं सौ रुपये तो कहीं दो सौ रुपये तक ही तेल देने की बात कही जा रही है। इसको लेकर वाहन चालकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। चांडिल प्रखण्ड क्षेत्र अन्तर्गत एनएच-33 और नीमडीह प्रखण्ड क्षेत्र अन्तर्गत एनएच 32 स्थित आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल और रिलायंस के पंपों समेत जिले के अधिकांश फ्यूल स्टेशनों पर अफरा-तफरी जैसा माहौल बना रहा।
यात्रियों और कारोबारियों में बढ़ी परेशानी
ईंधन संकट का असर अब दैनिक यात्रियों, मालवाहक वाहनों, स्कूल वाहनों और छोटे कारोबारियों पर भी साफ दिखने लगा है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। जमशेदपुर से चांडिल पेट्रोल भरवाने पहुंचे एक बाइक चालक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पंप तक पहुंचने में ही सौ रुपये का तेल खर्च हो गया, लेकिन यहां भी उसे मात्र सौ रुपये का ही पेट्रोल मिला। उन्होंने सरकार और तेल कंपनियों से तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति सामान्य करने की मांग की। ईंधन संकट को लेकर आम लोगों में असमंजस और गुस्सा दोनों बढ़ता जा रहा है। अब सबकी नजर प्रशासन और तेल कंपनियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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