द फॉलोअप डेस्क
संसद की कार्यवाही के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कंफ्रेंसिंग के जरिए शुक्रवार को विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। इस बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मुख्य सचिव अविनाश कुमार शामिल हुए। प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों को ही रहने का निर्देश दिया गया था। साथ ही मुख्यमंत्रियों को बैठक की तस्वीर, वीडियो और खबर सार्वजनिक करने से मना किया गया। इस कारण यह पता नहीं चल सका कि बैठक में मुख्यमंत्री ने झारखंड की ओर से क्या पक्ष रखा। क्या सुझाव दिए।
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जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध से उत्पन्न होनेवाली चुनौतियों से मुख्यमंत्रियों को अवगत कराया। साथ ही राज्य सरकारों को भी कुछ एहतियाती कदम उठाने का सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्रियों के भी सुझाव लिए। मालूम हो कि प्रधानमंत्री पहले भी संसद में अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के जारी युद्ध को लेकर आगाह किया था। कोरोना काल की तरह चुनौतियों के उत्पन्न होने और उससे उसी तरह निबटने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया था। यहां बताने की जरुरत नहीं कि देश में युद्ध के कारण पेट्रॉल और गैस की कमी हो रही है। पेट्रॉलियम पदार्थों का आयात प्रभावित होने से आम लोगों के जीवन और व्यवसाय पर गहरा असर पड़ने लगा है। जरूरी चीजों की कीमतों में भी बढोत्तरी की आशंका व्यक्त की जा रही है। इससे पूरे देश की आर्थिक स्थिति और आम जनजीवन के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
