द फॉलोअप डेस्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विस्तार से जानकारी दी और विपक्ष के सभी सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने इस ऑपरेशन के ज़रिए न सिर्फ आतंकवाद को करारा जवाब दिया, बल्कि दुनिया को यह स्पष्ट संदेश भी दे दिया कि अब भारत पर किसी तरह की परमाणु धमकी का असर नहीं होने वाला।
पीएम मोदी ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का ज़िक्र करते हुए कहा कि आतंकियों ने निर्दोष लोगों की धर्म पूछकर बेरहमी से हत्या की। उन्होंने इसे भारत को दंगों की आग में झोंकने की साजिश बताया, लेकिन साथ ही देशवासियों का धन्यवाद किया कि उन्होंने एकजुट रहकर इस नापाक मंसूबे को नाकाम कर दिया।
उन्होंने बताया कि हमले के समय वे विदेश दौरे पर थे, लेकिन जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, वे तत्काल स्वदेश लौटे और एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इसमें साफ निर्देश दिए गए कि आतंकवाद का निर्णायक और सटीक जवाब दिया जाए। सेना को पूरी छूट दी गई और कार्रवाई के तरीके, समय और स्थान तय करने का अधिकार भी सेना को ही सौंपा गया।
पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान को इस बार भारत की मंशा का अंदाज़ा हो गया था और उसने परमाणु हमले की धमकियां देना शुरू कर दिया थीं। लेकिन भारत अपने फैसले पर अडिग रहा और 6-7 मई की रात भारतीय सेना ने 22 अप्रैल की घटना का जवाब सिर्फ 22 मिनट में दे दिया। ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए सटीक हमलों ने पाकिस्तान को चौकन्ना कर दिया और वह कुछ भी नहीं कर सका।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह कार्रवाई इतनी प्रभावशाली थी कि आज भी आतंकवादी सरगनाओं की नींद हराम है। उन्होंने कहा, "हमें गर्व है कि हमारे सशस्त्र बलों ने आतंकियों को ऐसा सबक सिखाया है, जिसे वे कभी भूल नहीं सकेंगे।" संसद में दिए अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि पहली बार उन्होंने इस घटना के बाद अंग्रेज़ी में दुनिया को सीधा संदेश दिया था, ताकि वैश्विक समुदाय को भारत की स्थिति और संकल्प दोनों स्पष्ट रूप से समझ में आ जाएं।
