द फॉलोअप डेस्क
बड़कागांव क्षेत्र में विकास कार्यों के श्रेय को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान ने गंभीर मोड़ ले लिया है। पूर्व प्रखंड अध्यक्ष विशेश्वर नाथ चौबे ने वर्तमान सांसद मनीष जायसवाल और विधायक रोशन लाल चौधरी पर पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद के कार्यों का श्रेय लेने, शिलापट्ट तोड़ने और डिग्री कॉलेज के निर्माण को जानबूझकर शुरू न होने देने का संगीन आरोप लगाया है। चौबे ने कहा कि वर्तमान सांसद और विधायक शिलान्यास के चक्कर में आकर डिग्री कॉलेज के निर्माण कार्य को शुरू नहीं होने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद का शिलापट्ट तोड़कर अपना नाम का शिलापट्ट लगाना निंदनीय है और वर्तमान जनप्रतिनिधि बस जनता को मूर्ख बना रहे हैं।
विवाद का मुख्य केंद्र बड़कागांव का डिग्री कॉलेज है। चौबे ने स्पष्ट किया कि यह कॉलेज पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद के वर्षों के अथक प्रयास का नतीजा है। अंबा प्रसाद ने इस प्रोजेक्ट को बड़कागांव की हरली पंचायत में स्वीकृत करवाया और विभाग में धनराशि ट्रांसफर करवाई। उन्होंने हरली में इसका शिलान्यास रखा, जिसमें पूरे गाँव के लोग साक्षी बने। चौबे ने इस पूरे मामले को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि क्रेडिट लेने की होड़ में शिलापट्ट तोड़ दिया गया और बिना किसी काम के भी श्रेय लेने का प्रयास जारी है। उन्होंने कहा, "अपना मज़ाक खुद ये लोग बना रहे हैं।" पूर्व प्रखंड अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि विधायक और सांसद अम्बा प्रसाद के किए हुए काम का श्रेय लेने में लगे हैं, क्योंकि उनके पास अपनी कोई उपलब्धि नहीं है। वहीं, शिलान्यास को लेकर हो रहे विवाद के कारण कॉलेज का निर्माण शुरू न हो पाना क्षेत्र के छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़ा करता है।
