नंदलाल तुरी
पाकुड़ के उपायुक्त मनीष कुमार ने 15 नवंबर को मनाए जाने वाले झारखंड राज्य स्थापना दिवस की तैयारियों के लिए जिले के सभी विभागों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अंचल अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विस्तृत समीक्षा बैठक की।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि इस वर्ष का स्थापना दिवस विशेष महत्व रखता है, क्योंकि झारखंड राज्य रजत जयंती (Silver Jubilee) वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस मौके पर जनजातीय गौरव दिवस और दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के योगदान को भी विशेष रूप से याद किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की योजना “सरकार आपके द्वार” अभियान भी इसी समय चलेगी। सभी विभागों को मिलकर इस अवसर को भव्य और गरिमामय रूप में मनाने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने बताया कि राज्य स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सभी सचिव और उपायुक्तों की मौजूदगी में कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा हुई। उन्होंने जिले में होने वाले मुख्य समारोह की तैयारियों के लिए सभी विभागों को समयबद्ध और तत्परता से काम शुरू करने का निर्देश दिया।
स्थापना सप्ताह की गतिविधियां
10 से 15 नवंबर: पूरे जिले में स्थापना दिवस से जुड़ी गतिविधियाँ होंगी, जैसे रंगोली प्रतियोगिता, हस्ताक्षर अभियान, सेल्फी कॉर्नर, सजावट और स्वच्छता अभियान।
11 नवंबर: “Run for Jharkhand” कार्यक्रम होगा, जिसमें स्कूल के छात्र, युवा और आम लोग भाग लेंगे। सभी प्रखंडों में प्रभात फेरी और दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। विजेताओं को पुरस्कार दिए जाएंगे।
12 नवंबर: सभी प्रखंड मुख्यालयों में झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर को दिखाने वाले पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम लगभग डेढ़ घंटे का होगा।
13 नवंबर: साइक्लिंग अभियान होगा, जो प्रमुख पर्यटन स्थलों से गुजरेगा। इस दौरान सोशल मीडिया और जनसंपर्क के जरिए प्रचार किया जाएगा। साथ ही वॉल पेंटिंग, नशा मुक्ति और स्वच्छता अभियान भी चलेंगे।
14 नवंबर: राज्यभर में झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान समारोह होगा। पेंटिंग, वाद-विवाद, क्विज और सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ होंगी। फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मैच 15 या 16 नवंबर को जिला मुख्यालय में हो सकता है।
15 नवंबर: मुख्य जिला स्तरीय समारोह टाउन हॉल, पाकुड़ में होगा। इसमें विधायक, जनप्रतिनिधि, जिला परिषद सदस्य और आमजन शामिल होंगे।
उपायुक्त ने बताया कि स्थापना सप्ताह के दौरान झारखंड के राज्य प्रतीकों, जैसे राज्य पशु, राज्य पक्षी, राज्य वृक्ष आदि की जानकारी सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रदर्शित की जाएगी, ताकि बच्चों में राज्य की पहचान और गर्व की भावना बढ़े। उन्होंने सभी विभागों को 3 नवंबर तक सभी तैयारियाँ पूरी करने का निर्देश दिया, ताकि 10 नवंबर से कार्यक्रमों की शुरुआत सुनिश्चित हो सके। इस स्थापना दिवस को “जन-उत्सव” के रूप में मनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें प्रशासन और जनता की संयुक्त भागीदारी होगी।
