द फॉलोअप डेस्क
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। उन्होंने राज्य के छात्र-युवाओं की समस्याओं और उनके आंदोलन को संवेदनशीलता से जल्द से जल्द समाप्त कराने का सुझाव दिया है। रांची महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा राहुल गांधी का पत्र लेकर रांची आए। उन्होंने शनिवार को ही मुख्यमंत्री को यह पत्र सौंपा। राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि "कांग्रेस पार्टी का मानना है कि भारत के संविधान में निहित शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार हमारे लोकतंत्र के मूल स्तंभों में से एक है। इसलिए पिछले कुछ महीनों से पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों को हमने अपना पूर्ण समर्थन दिया है। हमारा यह भी मानना है कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर आरएसएस और भाजपा का कब्जा हो गया है और इसे छात्रों के शोषण एवं दमन के साधन में बदल दिया गया है। यह अब वह मजबूत ज्ञान-व्यवस्था नहीं रही, जो एक दशक पहले हुआ करती थी।"

राहुल गांधी ने दिया सुझाव
राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि "जैसा कि आप जानते हैं, झारखंड के छात्र भी राज्य की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहा है और उनकी मांगें जायज़ हैं। मैं इसकी सराहना करता हूं कि झारखंड सरकार ने आपके द्वारा गठित समिति के माध्यम से छात्रों के साथ संवाद शुरू किया है। मेरा मानना है कि छात्रों द्वारा उठाई गई कई मांगों पर सहमति भी बनी है। हालांकि, आंदोलन अभी भी जारी है और कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। मैं आपसे सुझाव देना चाहता हूं कि आप स्वयं आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करें। इससे उनकी बची हुई चिंताओं के समाधान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।"

युवा ही देश का भविष्य
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भारत का युवा ही उसका भविष्य है। इस संकट की घड़ी में हमें उनके साथ एकजुटता और समर्थन के साथ खड़ा होना चाहिए। कृपया उनकी बात सुनने और इस मुद्दे के समाधान के लिए उचित कार्रवाई करने की पूरी कोशिश करें।