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बाबूलाल के आरोपों को राजीव अरुण ने सिरे से किया खारिज, कहा- किसी से दोस्ती करना गलत नहीं

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द फॉलोअप डेस्क
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रधान सचिव रहे राजीव अरुण एक्का का विडियो इन दिनों का चर्चा का विषय है। बाबूलाल की ओर से वीडियो जारी करने के बाद से ही राज्य में राजनीति उफान पर है। कहा जा रहा है कि आरोपों के कारण ही उनका तबादला कर दिया गया। वहीं, इस मामले में अब भाजपा सीबीआई जांच की मांग कर रही है। राज्यपाल से मिलकर भाजपा के नेताओं ने आवेदन भी दिया है। दूसरी ओर अपने ऊपर लगे आरोपों को आईएएस अधिकारी राजीव अरुण एक्का सिरे से खारिज करते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राजीव अरुण का कहना है कि यह बाबूलाल के आरोप पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। किसी से दोस्ती करना गलत नहीं है। मैंने दफ्तर के बाहर कभी भी सरकार किसी भी कागज पर साइन नहीं किया है।

मेरे पास इतनी शक्ती नहीं, जिससे लाभ पहुंचाता
राजीव अरुण ने कहा कि मुझ पर किसी को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। आखिर
क्या लाभ पहुंचाया? इसे लेकर किसी के पास कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरे पास गृह विभाग की जिम्मेदारी तो थी मगर तबादला मेरे हाथ में नहीं था। मेरे पास कोई शक्ति नहीं थी कि जिससे मैं किसी को लाभ पहुंचा सकता था। राजीव ने कहा कि किसी से अगर आपका परिचय है तो इसका यह मतलब नहीं है कि आप उन्हें लाभ पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो वीडियो जारी किया है उसमें मैं कोई और बात लिख रहा हूंवह सरकारी कागज नहीं है। पेपर पर मैं कुछ समझाने की कोशिश कर रहा हूं।

30 साल के करियर में नहीं लगा कोई आरोप
राजीव अरुण एक्का ने कहा कि मेरे तीस साल के करियर में मुझ पर कभी कोई आरोप नहीं लगा। मैंने कोई संपत्ति अर्जित नहीं की। ना ही मुझे पैसे का कोई लालच रहा। इतने साल की नौकरी में मैंने आदिवासी मोहल्ले में एक घर बनाया है। लोग मुझसे कहते हैं कि इतने साल की नौकरी में आप एक बेहतर घर भी नहीं बना सके। जबकि, तीस साल की नौकरी में कई पदों पर काम किया। कई जिलों में डीसी रहा। लेकिन कहीं भी मुझ पर आरोप नहीं लगे।

निजी जीवन में किससे मिलता हूं ये मेरा फैसला
अरुण एक्का ने कहा कि जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह बेबुनियाद है। किसी परिचित के साथ बैठना उसे सलाह देना बुरा नहीं है। मैं निजी जीवन में किससे मिलता हूं यह मेरा फैसला है। उन्होंने कहा कि अगर मैंने किसी को लाभ पहुंचाया है तो उससे संबंधित दस्तावेज सामने होते। आखिर लाभ कैसे पहुंचाया है यह पता होता। मगर ऐसा कोई सबूत नहीं है। यह आरोप पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। जिसे सिरे से खारिज करता हूं। उन्होंने कहा कि मेरा पंचायती राज में तबादला कर दिया गया। मगर मैं सरकार के इस फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।

क्या है मामला
भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक वीडियो क्लिप जारी किया है। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि यह वीडियो ईडी के अभियुक्त विशाल चौधरी के घर का है। वहां सीएम के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का जा कर फाइलें निपटा रहे हैं। इन आरोपों के बाद देर शाम प्रधान सचिव और गृह सचिव राजीव अरुण एक्का का ट्रांसफर पंचायती राज में कर दिया गया।

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