गढ़वा:
गढ़वा जिले के डंडई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिला की मौत हो गई। महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों के साथ सीएचसी का घेराव किया। सीएचसी में तैनात नर्सिंग स्टाफ के बीच अफरा-तफरी मच गई। मृतका कमला देवी डंडई प्रखंड के कोयरी टोला की निवासी थी और उसे प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया था। यहां बच्चे को जन्म देने के बाद कमला देवी की हालत बिगड़ने लगी। बताया जाता है कि स्थिति बिगड़ने पर कमला को रेफर कर दिया गया, जहां गढ़वा और पलामू के 2 अलग-अलग निजी अस्पतालों का चक्कर लगाते हुए उसकी मौत हो गई।
मृतका के परिजनों ने किया सीएचसी का घेराव
मृतका कमला देवी के परिजनों ने डंडई सीएचसी का घेराव किया और चिकित्सा प्रभारी को बंधक बना लिया। जानकारी मिलने पर जब सिविल सर्जन मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनको भी बंधक बना लिया। घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी गई, तब बीडीओ और थाना प्रभारी घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों पदाधिकारियों ने परिजनों को समझाया। हंगामा कर रहे घरवालों का आरोप था कि सीएचसी में लापरवाही की वजह से प्रसूता की मौत हुई है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग को मुआवजा देना चाहिए। ग्रामीणों ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषियों पर भी कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय ग्रामीण दिनेश राम ने बताया कि प्रसव के दौरान प्रसूता की गलत नस काट दी गई। कमला की तबीयत बिगड़ती गई, लेकिन सीएचसी ने रेफर करने में 3 घंटे का लंबा समय बीता दिया। जब तक उसे दूसरे अस्पताल में भेजा जाता, हालत गंभीर हो चुकी थी।

सिविल सर्जन ने इस प्रकरण पर क्या कहा!
हालांकि, इस प्रकरण पर सिविल सर्जन ने ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाए जाने की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि महिला की मौत से परिजन भावुक थे और ऐसी स्थिति में उनका आक्रोशित हो जाना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।