रांची
नारी शक्ति वंदन अधिनियम में प्रस्तावित आवश्यक संशोधनों के पारित न हो पाने के विरुद्ध "निंदा प्रस्ताव" के लिए आज रांची नगर निगम में महापौर रोशनी खलखो की अध्यक्षता में विशेष बैठक हुई। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि संपूर्ण विपक्ष इस विषय पर नकारात्मक और महिला विरोधी रवैया अपनाते हुए संसद में एकजुट होकर देश की आधी आबादी को उनका संवैधानिक अधिकार मिलने से वंचित करने का कुत्सित प्रयास किया है। इस बाबत विशेष बैठक करके निंदा प्रस्ताव लाना, बैठक का मुख्य उद्देश्य रहा।

समावेशी लोकतंत्र के विकास पर कुठाराघात
इस दौरान महापौर रोशनी खलखो नें कहा कि यह बिल देश की माताओं, बहनों और बेटियों को संसद एवं विधानसभाओं में 33% आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था। जिसे विपक्षी पार्टियों ने मिलकर संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों के कारण इस कानून को अधर में अटकाकर भारत के समावेशी लोकतंत्र के विकास पर कुठाराघात किया है। इस महिला विरोधी मानसिकता के विरुद्ध आज एक विशेष बैठक करके महापौर, उप-महापौर एवं पार्षदगण की मौजूदगी में सामूहिक रूप से "निंदा प्रस्ताव" को पास किया गया।
