द फॉलोअप डेस्क
साहिबगंज के सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान आज पहाड़पुर उपस्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत स्थित देवपहाड़ के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में आयोजित नियमित टीकाकरण (RI) सत्र के औचक निरीक्षण पर पहुँचे। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सिविल सर्जन का यह निरीक्षण स्वास्थ्य सेवाओं के अंतिम छोर तक उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
निरीक्षण के दौरान सत्र स्थल पर मौजूद ANM, सहिया एवं अन्य फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा की जा रही सभी टीकाकरण प्रक्रियाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। वैक्सीन की उपलब्धता, लॉजिस्टिक्स, कोल्ड-चेन सामग्री, ऑटो-डिसेबल सिरिंज, MCP कार्ड, टीकाकरण रजिस्टर से लेकर सेशन साइट की तैयारी एवं लाभार्थियों के प्रबंधन तक सभी बिंदुओं की बारीकी से जाँच की गई।
सिविल सर्जन ने ANM से विभिन्न वैक्सीन की उपलब्धता, कोल्ड-चेन मेंटेनेंस की प्रक्रिया, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले टीकों तथा AEFI प्रबंधन की तैयारी के संबंध में विस्तार से पूछताछ की। उसी सत्र स्थल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने पूरे जिले के ANM, MOIC और BPMU टीमों से सीधा संवाद स्थापित किया तथा उस दिन संचालित सभी RI सत्रों की स्थिति की समीक्षा की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सिविल सर्जन ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने RI सत्र को समय पर शुरू और समय पर समापन कराने, सभी टीकाकरण सामग्रियों, विशेषकर वैक्सीन, सिरिंज, सेफ्टी बॉक्स, MCP कार्ड, सेशन रजिस्टर और AEFI किट—की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही कोल्ड-चेन उल्लंघन रोकने के लिए वैक्सीन कैरियर का सही उपयोग करने एवं हाउस-टू-हाउस ट्रैकिंग के माध्यम से किसी भी बच्चे या गर्भवती महिला को टीकाकरण से वंचित न रहने देने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं को TT/TD टीकाकरण सही तरीके से देने तथा सभी ANM द्वारा RI सत्र की फोटो एवं रिपोर्ट समय पर अपलोड करने की सख्त हिदायत दी गई।

दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह निरीक्षण महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। देवपहाड़ जैसे कठिन पहाड़ी इलाके में स्वयं पहुँचकर सिविल सर्जन ने यह संदेश दिया कि जिला स्वास्थ्य विभाग गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।