अजित जायसवाल/साहिबगंज
साहिबगंज जिले के बोरियो प्रखंड अंतर्गत बिचपुरा पंचायत की पंचायत सचिव आशा कुमारी पर ग्रामीणों ने योजनाओं के प्राक्कलन और लाभ दिलाने के नाम पर अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगाया है। रंगमटिया गांव के दर्जनों ग्रामीणों नरेश मुर्मू, मुंशी मरांडी, ताला मुर्मू, मांझी हेंब्रम, संजीव हेंब्रम सहित अन्य ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जोड़ने के एवज में प्रति व्यक्ति एक-एक हजार रुपये वसूले, लेकिन अब तक किसी भी योग्य लाभुक को योजना का लाभ नहीं मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना पैसे कोई काम नहीं किया जाता, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही हैं।

आवास योजना में पैसे लेकर भी नहीं मिला लाभ
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत सचिव आशा कुमारी ने पीएम आवास योजना में नाम चढ़ाने के लिए कई लोगों से पैसे लिए, लेकिन लाभ देने के मामले में गंभीर लापरवाही बरती गई। कई योग्य लाभुक आज भी योजना से वंचित हैं, जबकि कथित रूप से अयोग्य और संपन्न लोगों को इसका लाभ दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि एक ही परिवार के कई सदस्यों को आवास योजना का लाभ दिया गया, यहां तक कि पक्का मकान और ट्रैक्टर रखने वाले लोगों को भी इस योजना में शामिल कर लिया गया।

मृत्यु प्रमाण पत्र के नाम पर वसूली, फिर भी नहीं मिला दस्तावेज
गांव की वृद्ध महिला सांझली हांसदा ने बताया कि उनके पति उदय मुर्मू की मृत्यु के बाद पंचायत सचिव ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर उनसे दो हजार रुपये लिए। इसके बावजूद आज तक उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सिर्फ एक उदाहरण है, जबकि कई अन्य मामलों में भी इसी तरह की अनियमितताएं और वसूली की शिकायतें सामने आई हैं।

मनरेगा में कमीशनखोरी का आरोप, जांच के आदेश
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा योजना में 4 से 6 प्रतिशत तक कमीशन की मांग की जाती है, जिससे मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल पाता और उन्हें पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इन आरोपों के बाद बोरियो प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी नागेश्वर साव ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।