द फॉलोअप डेस्क
सिमडेगा जिले के गरजा पंचायत के सीटू तिर्रा गांव में आदिवासी कांग्रेस नेता दिलीप तिर्की ने एक लाभुक की शिकायत पर भुक्तभोगी से मिलने उनके घर पहुंचे। पीड़िता दोमनिका लकड़ा ने बताया कि वर्ष 2019-20 में प्रधानमंत्री ग्राम आवास योजना (PMAYG) के तहत उनके नाम से आवास योजना (संख्या- 2515558) स्वीकृत हुई थी, लेकिन आज तक उसे आवास नहीं मिला। कई बार योजना के बारे में जानकारी लेने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बताया गया कि इस योजना को वर्त्तमान मुखिया बसंती डुंगडुंग के पति उज्वल डुंगडुंग ने बनवाया है।
इस मामले की जांच करने पर दिलीप तिर्की ने पाया कि जब PMAYG योजना संख्या 2515558 का पूरा विवरण निकाला गया, तो भुगतान उज्वल डुंगडुंग के नाम से हुआ था। हालांकि, पंचायत भवन की दीवार पर उन लाभुकों के नामों की सूची में, जिनके आवास पूर्ण हो चुके हैं, दोमनिका लकड़ा का नाम लिखा हुआ था। यह स्थिति इसलिए थी क्योंकि कोई जनप्रतिनिधि खुद को इस योजना का लाभ नहीं ले सकता, लेकिन मुखिया के पति ने पद का दुरुपयोग कर यह लाभ लिया।
इसके अलावा, दिलीप तिर्की ने कई अन्य अनियमितताओं की शिकायत भी की। उन्होंने बताया कि गरजा चौक में पेवर ब्लॉक की बहुत कम दूरी में लगाकर अधिक पैसे निकाले गए हैं। वहीं, तिर्रा सीटूटोली में जलमीनार की मरम्मत हुई, लेकिन लाभुक बाहर का था, जबकि यह लाभ उसी ग्राम का होना चाहिए था। यहां तक कि शिलापट में लाभुक का नाम भी नहीं लिखा गया था, ताकि यह अनियमितता छिपी रहे।
दिलीप तिर्की ने इन सारी अनियमितताओं की जानकारी उपायुक्त को लिखित रूप में दी और मांग की कि वर्त्तमान मुखिया और उसके पति के खिलाफ जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जेल भेजा जाए, ताकि जिले में कोई जनप्रतिनिधि इस तरह की हिमाकत न करे और ग्रामीणों को उनका अधिकार मिल सके। इस पर उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
