द फॉलोअप डेस्क
बीते दिन जोरदाग मिडिल स्कूल को प्राइमरी स्कूल आगरा टोला में शिफ्ट किया जा रहा था, लेकिन गांव वाले एवं छात्र विरोध करने लगे। यह मामला सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ, जिसकी पड़ताल द फॉलो अप की टीम ने ग्राउंड जीरो पर जाकर की। जांच में पता चला कि जोरदाग मिडिल स्कूल को आगरा टोला प्राइमरी स्कूल में शिफ्ट किया जा रहा है, जबकि जोरदाग में आठवीं तक की कक्षाएं चलती थीं और आगरा टोला में केवल पांचवीं तक।
जब फॉलो अप की टीम उस स्कूल में पहुंची, तो देखा कि वहां केवल 6 कमरों का ही विद्यालय है। ऐसे में ग्रामीणों की मांग जायज़ थी। द फॉलो अप ने इस खबर को प्रमुखता से दिखाया। इसके परिप्रेक्ष्य में जब उपायुक्त हजारीबाग से बात की गई, तो उन्होंने इसे संज्ञान में लिया। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के विद्यालय को हस्तांतरित करना कहीं से भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा ज़रूरी है, लेकिन बिना उचित व्यवस्था के उन्हें अन्यत्र नहीं भेजा जाएगा।
कुछ दिन तक मामला शांत रहा, लेकिन एक सप्ताह बाद केरेडारी सीईओ और एनटीपीसी के अधिकारी विद्यालय खाली करवाने पहुंच गए। इसके बाद फिर से भारी हंगामा हुआ। ग्रामीण लगातार केरेडारी के अंचलाधिकारी पर आपत्ति जताने लगे और एनटीपीसी के अधिकारियों के खिलाफ उग्र हो गए।
जब यह बात स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक पहुंची, तो उन्होंने इस मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन से बात की। आज उपायुक्त हजारीबाग ने सभी जनप्रतिनिधियों व संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने द फॉलो अप से बात करते हुए बताया कि यह काफी गंभीर मामला है, जो बच्चों के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि बैठक में साफ तौर पर यह निर्णय लिया गया है कि जब तक नया विद्यालय बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक वर्तमान विद्यालय नहीं टूटेगा।

इस बाबत जब द फॉलो अप की टीम ने बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी से बात की, तो उन्होंने कहा कि हमने अपना पक्ष रखा है। उपायुक्त हजारीबाग ने भी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो, इसपर ध्यान देकर आदेश पारित किया है।
जोरदाग स्कूल मामले में कुछ दिन पहले बड़कागांव के पूर्व विधायक एवं झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साहू भी विद्यालय पहुंचे थे और बच्चों व अभिभावकों से मुलाकात की थी। इसी मामले पर आज योगेंद्र साहू ने विद्यालय को न तोड़ने के निर्णय पर उन्होंने उपायुक्त को धन्यवाद भी दिया। इस पूरे मामले पर उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने बताया कि ऐसे 14 विद्यालय हैं जो खनन क्षेत्र में आते हैं। आज उन सभी की समीक्षात्मक बैठक हुई जिसमें जनप्रतिनिधि एवं संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे।
उपयुक्त शशि प्रकाश सिंह ने बताया कि हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने हिंदगिरी विद्यालय का मामला उठाया, जहां पुलिस थाना संचालित हो रहा है, जिससे बच्चों को काफी दूर जाना पड़ता है। यह मामला संज्ञान में आया है, और संबंधित पदाधिकारी को दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
