द फॉलोअप डेस्क
रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में जिले के सभी कार्यालयों के लिपिकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों के साथ संवाद करते हुए सख्त संदेश दिया कि सरकारी दफ्तरों में किसी भी हाल में दलालों और बिचौलियों का प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कर्मियों को गुटबाजी और विभागीय राजनीति से दूर रहते हुए अनुशासन और मर्यादा के साथ काम करने की नसीहत दी।

उपायुक्त ने कहा कि कर्मचारी सरकार और जनता के बीच की सबसे अहम कड़ी होते हैं, इसलिए उन्हें पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ कार्य करना चाहिए। जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए शिकायतों के पंजीकरण, ट्रैकिंग और फॉलोअप की प्रभावी व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं में देरी न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा।
उपायुक्त ने कार्यालय में समय पर उपस्थिति, आईडी कार्ड पहनना और नेम प्लेट लगाने को अनिवार्य किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यावधि के दौरान अनुपस्थित पाए जानेवाले कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। कार्यालयों की स्वच्छता, फाइलों की सुव्यवस्था और सेवानिवृत्ति से पहले कर्मियों की सूची समय पर समर्पित करने के निर्देश भी दिए गए। डीसी ने कहा कि कार्य निष्पादन और उपस्थिति की नियमित समीक्षा होगी, और लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।