logo

क्लस्टर सिस्टम, पेपर लीक और भर्ती में देरी के खिलाफ छात्र संगठनों की हुंकार, लोकभवन घेराव के दौरान पुलिस से नोकझोंक

AISA.jpg

रांची 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 15 जुलाई से जारी अनिश्चितकालीन धरना तथा पिछले 10 दिनों से पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के साथ आइसा के केन्द्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा, मनीष, आमीन, ऋषिकेश और दीपक की भूख हड़ताल, इसके साथ ही दानिश अली की भूख हड़ताल के कारण बिगड़ी हालात के प्रति सहानुभूति और एकजुटता व्यक्त करते हुए ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के साथ अन्य संगठनों द्वारा क्लस्टर सिस्टम, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षा, NTA को भंग करने, अनियमित शैक्षणिक सत्र और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्य के विभिन्न जिलों, विश्वविद्यालयों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों द्वारा भारी बारिश के बीच सोमवार को राजधानी रांची के जिला स्कूल मैदान (शहीद चौक) से विशाल मार्च करते हुए लोकभवन घेराव किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोंकझोक और धक्कामुक्की भी हुई। इस दौरान आइसा राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने कहा कि शिक्षा और रोजगार विरोधी केन्द्र और राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन द्वारा बार-बार मार्च और घेराव को कुचलने की कोशिश के बावजूद आज झारखंड में फीस वृद्धि, शिक्षा के निजीकरण और एनईपी-2020 को लागू करने की दिशा में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी पुनर्गठन संकल्प के तहत लागू किए जा रहे क्लस्टर सिस्टम का हम पुरजोर विरोध करते हैं। यह व्यवस्था सेल्फ-फाइनेंस मॉडल, ऋण आधारित शिक्षा और विषय चयन की स्वतंत्रता को सीमित करती है।

भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाएं विवादों में 

साथ ही झारखंड की स्थानीय भाषा नागपुरी, खोरठा, कुरूख, संथाली के साथ अन्य भाषाओं की पढ़ाई और रोजगार के अवसर को खत्म करेगी। इससे ग्रामीण, महिला, आदिवासी, दलित, पिछड़े तथा आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की उच्च शिक्षा तक पहुंच और कठिन होगी तथा ड्रॉपआउट बढ़ेगा। यह सार्वजनिक शिक्षा को कमजोर कर छात्रों को महंगे निजी संस्थानों की ओर धकेलने वाली छात्र-विरोधी नीति है। इसलिए क्लस्टर सिस्टम को तत्काल वापस लिया जाए। वहीं इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य अध्यक्ष संदीप जायसवाल ने कहा कि देशभर के साथ झारखंड में भी जेपीएससी, जेएसएससी, शिक्षक भर्ती से लेकर सभी परीक्षाओं में अनेक भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाएं विवादों में रही हैं। हाल के वर्षों में NEET और CUET जैसी परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे। जबकि JEE Advanced 2026 में डेटा एक्सपोज़र (Data Exposure) का मामला सामने आया। हम सभी इसका पुरजोर विरोध करते हैं और सरकार से इसका समाधान जल्द निकालने की मांग करते हैं। आइसा राज्य अध्यक्ष विभा ने कहा कि केन्द्र सरकार की शिक्षा और रोजगार विरोधी नीति के चलते आज न ही केन्द्र सरकार द्वारा सिविल सेवा परीक्षा, रेलवे, एसएससी में सृजित पदों पर कटौती कर बहाली प्रक्रिया रोकी गई है, वहीं झारखंड में भी झारखंड JSSC CGL, JPSC-JET, JSSC JE, LDC, पुलिस भर्ती, उत्पाद सिपाही, सहायक आचार्य एवं माध्यमिक आचार्य, असिस्टेंट, एसोसिएट और प्रोफेसर की परीक्षा एवं बहाली प्रक्रिया रोकी गई है। सभी आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर चल रही हैं।

पेपर लीक,अनियमितताओं और अव्यवस्था ने छात्रों का भरोसा तोड़ा

यह सम्मानजनक और स्थायी रोजगार पर सीधा हमला है। इसका समाधान जल्द होना चाहिए। आरवाईए के वरिष्ठ नेता सोनू पांडेय ने कहा कि केन्द्र सरकार और राज्य सरकार नियमित भर्ती एवं शैक्षणिक कैलेंडर जारी करने में विफल रही हैं। विभिन्न विभागों में भी लाखों पद रिक्त हैं। हमारी मांग है कि केन्द्र और राज्य सरकारें सभी रिक्त पदों पर समयबद्ध एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करें और नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करें। आइसा राज्य सह सचिव स्नेहा महतो ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), जो देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करती है, निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में लगातार विफल रही है। पेपर लीक, अनियमितताओं और अव्यवस्था ने छात्रों का भरोसा तोड़ा है। जवाबदेही तय हो, दोषियों पर कार्रवाई हो तथा NTA के स्थान पर अधिक पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए। आइसा राज्य उपाध्यक्ष रंजीत सिंह चेरो ने कहा कि छात्र-युवाओं के विशाल मार्च एवं राजभवन घेराव के माध्यम से क्लस्टर सिस्टम, पेपर लीक के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की गई है। वे दर्जनों छात्र-छात्राओं की मौत की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। इस विशाल लोकभवन घेराव में आइसा राज्य अध्यक्ष विभा पुष्पा दीप, राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ, आरवाईए राज्य अध्यक्ष संदीप जायसवाल, सोनू पांडे, रंजीत सिंह चेरो, अमल घोषाल, स्नेहा महतो, राहुल राज मंडल, मो. समी, सुशील मुर्मू, विजय कुमार, इमरान, रितेश मिश्रा, गुड्डू भुइंया, गौतम दांगी, संजना मेहता, सांवली मुंडा, सोनू शर्मा सहित भारी संख्या में छात्र शामिल हुए।

Tags - Protest March Cluster System Dharmendra PradhanAISA