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पर्यावरण मेला-2023 : संकल्प लें कि अपने घर में कम से कम एक पेड़ जरूर लगाएंगे- हेमंत सोरेन

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द फॉलोअप डेस्क
पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तभी हमारा अस्तित्व रहेगा। आज विकास की अंधी दौड़ में जो पैमाने तय किए जा रहे हैं, वहां पर्यावरण पूरी तरह हाशिये पर है। अगर आज हम नहीं चेते तो आने वाली पीढ़ी को इसका खतरनाक अंजाम भुगतना होगा। इसलिए पर्यावरण संरक्षण में हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। यह बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोरहाबादी मैदान में आयोजित 10 दिवसीय पर्यावरण मेला के समापन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि हम पर्यावरण के साथ अपने आप को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अगर हम इसे नहीं समझे तो फिर इसके परिणाम भुगतने को भी तैयार रहें। सीएम ने कहा कि मेरा मानना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ी मुहिम चलाने से बेहतर है कि हर व्यक्ति इस दिशा में अपना योगदान दें। अगर यह शुरुआत करने में सफल होते हैं तो पर्यावरण का नुकसान तो रुकेगा ही उसकी भरपाई भी करने में कामयाब होंगे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विधायक सरयू राय की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि सरयू राय ने पर्यावरण को लेकर बहुत पहल किया। कितना सफल हुए, कितना सफल नहीं हुए ये बातें बाद की है। लेकिन जिस तरह से पर्यावरण को लेकर इन्होंने एक मुहिम चला रखा है ये बड़ी बात है।

मशीनों के माध्यम से प्रदूषण से निपटने पेड़ लगाना ज्यादा कारगर
पर्यावरण संकट से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर तरह-तरह के अनुसंधान हो रहे हैं। करोड़ों-अरबों रुपए की लागत वाली बड़ी-बड़ी मशीनों से प्रदूषण को साफ करने की कोशिशें हो रही हैं, फिर भी पर्यावरण का जो नुकसान हो रहा है, उसे रोकने में बहुत कामयाब नहीं हो रहे हैं। इसको लेकर सीएम ने कहा कि जितने रुपए बड़ी-बड़ी मशीनों के खरीदने में खर्च किए जा रहे हैं, अगर उस पैसे से पेड़ लगाया जाए तो वह स्वच्छ पर्यावरण के लिए ज्यादा कारगर साबित होगा ।

पेड़ लगाने पर सरकार दे रही 5 यूनिट बिजली फ्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर हमारी सरकार शहरों में अपने घरों में एक पेड़ लगाने पर
5 यूनिट बिजली फ्री दे रही है। इसके अलावा शहरों के बीचोबीच हरियाली का दायरा बढ़ाने की कोशिशें लगातार जारी है। सरकारी महकमा को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि पेड़ लगाने और उसके संरक्षण के लिए हर मुमकिन कदम उठाए जाएं। इतना ही नहीं, जंगलों में और उसके कई किलोमीटर की परिधि में आरा मशीन लगाने को प्रतिबंधित कर दिया गया है। ये सभी प्रयास पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में हो रहा है। आगे भी सरकार इस दिशा में कई और निर्णय लेने जा रही है। सरकार ने विभिन्न कार्यक्रमों में बुके की बजाए पौधे देने की परंपरा शुरू की है जिसका सीधा संबंध पर्यावरण संरक्षण से है।

 

सुहाने मौसम को छीन लिया
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 1990 के दशक को याद करते हुए कहा कि उस समय रांची की आबोहवा ऐसी थी कि घरों में पंखे लगाने के लिए हुक नहीं हुआ करते थे। मौसम हमेशा खुशनुमा बना रखा था, लेकिन आज पेड़ों के जंगलों की बजाय जिस तरह कंक्रीट के जंगल बन रहे हैं, उसने यहां के सुहाने मौसम को छीन लिया है। ऐसे में आने वाली पीढ़ी को जो वातावरण देने जा रहे हैं, वह अच्छा संकेत नहीं है। इसलिए, पर्यावरण मेला के इस अवसर पर संकल्प ले कि अपने घर में कम से कम एक पेड़ जरूर लगाएंगे। इस दिशा में हर व्यक्ति अपना योगदान करे तो निश्चित तौर पर हमारा पर्यावरण साफ-सुथरा, स्वच्छ और सुहाना होगा।

पद्म विभूषण तीजन बाई सम्मानित
पांडवानी कला की विख्यात लोक कलाकार पद्म विभूषण तीजन बाई को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। इस मौके पर अपनी पेंटिंग्स के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले रामानुज शेखर और पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता अभियान चलाने वाले पंचम चौधरी को भी सम्मानित किया गया। मौके पर विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो, विधायक सरयू राय, कुमार जयमंगल, समरी लाल और लंबोदर महतो के अलावा पर्यावरणविद ओम सिंह और युगांतर भारती और नेचर फाउंडेशन के प्रतिनिधिगण मौजूद थे।

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