द फॉलोअप, रांची
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि किसी व्यक्ति के जीवन में 15 से 22 वर्ष की आयु सबसे अधिक महत्व रखता है। इसी अवधि में व्यक्तित्व का विकास होता है। सपनों को दिशा मिलती है और नेतृत्व की नींव रखी जाती है। उन्होंने कहा कि इसी समय व्यक्तित्व का विकास होता है, सपनों को दिशा मिलती है और नेतृत्व की नींव रखी जाती है। उन्होंने कहा कि IIMUN जैसे मंच युवाओं को वैश्विक दृष्टिकोण, संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने का अवसर देते हैं। यह केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि युवाओं को विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने का सशक्त मंच है। मंत्री जमशेदपुर स्थित काव्याप्ता ग्लोबल स्कूल में आयोजित IIMUN (India's International Movement to Unite Nations) Jamshedpur Conference में छात्र-छात्राओं से संवाद कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने नेतृत्व, शिक्षा, लोकतंत्र, नवाचार और वैश्विक सोच जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।

दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि छात्रों का उत्साह उन्हें देहरादून में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के छात्र संवाद की याद दिलाता है, जहां बड़ी संख्या में युवाओं ने शिक्षा, अवसर और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर के विद्यार्थियों में भी वही ऊर्जा, जिज्ञासा और बदलाव लाने का जज़्बा दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड केवल अपनी खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि प्रतिभाशाली युवाओं के लिए भी पहचाना जाना चाहिए। इसके लिए युवाओं को लगातार सीखने, अपनी सोच का विस्तार करने और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हैं और इन्हें रोकने के लिए जवाबदेह व्यवस्था जरूरी है।

मंत्री ने छात्रों से अपनी संस्कृति, इतिहास और विरासत से जुड़े रहने के साथ वैश्विक नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि झारखंड के किसी दूरस्थ गांव का युवा भी अपनी प्रतिभा और नवाचार के दम पर वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकता है। कार्यक्रम में बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक, गणमान्य अतिथि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
