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द फॉलोअप इंपैक्ट : साहिबगंज के पीराचक गांव में अब बनेगी पक्की सड़क, इलाज के अभाव में नहीं जाएगी जान!

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साहिबगंज:

द फॉलोअप की खबर का बड़ा असर हुआ है। साहिबगंज के पीराचक गांव में अब विकास पहुंचेगा। शुरुआत सड़क से होगी। फॉलोअप में 27 जुलाई को "हाल-ए-झारखंड: गर्भवती महिला की जान गई, तो खटिया पर ढोया शव, साहिबगंज के इस गांव तक आज भी पक्की सड़क नहीं जाती", नाम की हेडलाइन से प्रसारित रिपोर्ट पर सरकार ने संज्ञान लिया है। साहिबगंज के राजमहल प्रखंड अंतर्गत तेतुलिया पंचायत के पीराचक गांव में अब पक्की सड़क बनेगी। 27 जुलाई को ही प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव जाकर प्रस्तावित सड़क के लिए नापी का काम किया। 

ग्रामीण अंजलि ने सीएम हेमंत को कहा शुक्रिया
ग्रामीण अंजलि कुमारी ने कहा कि पक्की सड़क नहीं होने से इलाज में देरी के कारण एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। बीमार और गर्भवती महिलाओं  को अस्पताल पहुंचाना हो तो उन्हें खटिया पर टांगकर ले जाना पड़ता है। बरसात में स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है। अंजलि कुमारी ने कहा कि हमने मीडिया के माध्यम से अपनी समस्या कही थी और खुशी है कि सरकार ने इसका संज्ञान लिया है। प्रशासन की टीम गांव आई और उम्मीद है कि अब गांव में पक्की सड़क बन जाएगी। उन्होंने सीएम हेमंत का भी शुक्रिया अदा किया। 

सोमवार को प्रशासन की टीम ने की स्थल मापी
सोमवार को पीराचक पहुंची प्रशासन की टीम में राजमहल अंचल अमीन बहारामदेव मंडल, हल्का कर्मचारी साहबराम मुर्मू, जेई रिजवान और अंचल अमीन मीर अब्दुल करीम समेत अन्य कर्मचारी शामिल थे।  अधिकारियों ने करीब आधा किमी सड़क के लिए स्थल का निरीक्षण किया और फिर मापी की। अधिकारियों ने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर वे पीराचक गांव पहुंचे हैं  और नापी रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जायेगी। 

पीराचक से रामचौकी की दूरी 1400 किमी ही है!
गांव के प्रधान सरोज कुमार राय ने बताया कि पीराचक गांव से रामचौकी की दूरी यही कोई 1400 मीटर होगी। पक्की सड़क नहीं होने की वजह से मरीजों के लिए गांव तक एंबुलेंस नहीं आ पाती है। उन्होंने बताया कि विगत 1 महीने में  3 ग्रामीणों की मौत इलाज में देरी की वजह से हो गई। सरोज कुमार राय ने कहा कि ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का फैसला किया और आखिरकार सरकार और प्रशासन जागा है। सड़क के लिए स्थल निरीक्षण और मापी हो गई है, उम्मीद है कि सड़क भी जल्द बनेगी। 

रविवार को गर्भवती महिला सपना कुमारी की मौत
गौरतलब है कि बीते रविवार को पीराचक गांव के मोनू कुमार राय की पत्नी सपना कुमारी की मौत हो गई थी। सपना कुमारी गर्भवती थीं। गांव वालों ने आरोप लगाया था कि सपना की तबीयत बिगड़ी तो पक्की सड़क नहीं होने से गांव तक एंबुलेंस नहीं आ सकी। सपना को खटिया पर ढोकर रामचौकी तक ले जाया गया। इलाज में देरी से सपना की मौत हो गई तो उसका शव भी खटिया पर ढोकर गांव तक लाया गया। 15 दिन पहले मोनू की मां को भी इसी प्रकार खटिया पर टांगकर रामचौकी तक लाया गया था। उनकी भी मौत हो गई।
गांव में पक्की सड़क नहीं होने से ग्रामीणों में काफी आक्रोश था, हालांकि, अब उम्मीद बंधी है कि उनकी दशकों पुरानी समस्या दूर होगी। 

प्रशासन नहीं सुन रहा था ग्रामीणों की शिकायत
ग्रामीणों का दावा है कि आजादी के बाद उन्होंने कभी पक्की सड़क नहीं देखी। जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से दर्जनों बार सड़क बनवा देने की गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने 40 हजार रुपये जोड़कर श्रमदान से मोरंग मिट्टी की सड़क बनाई थी, जो मानसून की पहली बरसात में बह गई। मानसून के दिनों में हालात और ज्यादा बदतर हो जाते हैं। उनका दावा है कि पिछले 3-4 महीने में करीब 4 लोगों की मौत इसी प्रकार सड़क के अभाव में समय पर इलाज नहीं मिलने की वजह से हो गयी। 

अब उम्मीद जगी है कि इस गांव में पक्की सड़क रौशनी बनकर आयेगी जो ग्रामीणों को अकाल मृत्यु के अंधेरे से बचायेगी।  आशा बंधी है कि इस गांव के लोग अब वोट करते हुए ऐसा महसूस नहीं  करेंगे कि इनका इस्तेमाल हुआ है। पीराचक भी अब झारखंड के मानचित्र पर दिखेगा। 

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