जामताड़ा:
समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने और जामताड़ा सदर अस्पताल में इलाज में कथित लापरवाही की वजह से जान गंवाने वाली 22 वर्षीय गर्भवती महिला रीना कुमारी और नवजात शिशु के परिजनों से भाजपा नेता अमर कुमार बाउरी ने मुलाकात की। अमर बाउरी ने जामताड़ा सदर अस्पताल में हंगामे और तोड़फोड़ के लिए कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों के सहज आक्रोश को मंत्री इरफान अंसारी के इशारे पर डायवर्ट किया गया और तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया गया। अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि मंत्री को घटना की जिम्मेदारी लेकर अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय करने की जगह अपनी छवि की चिंता थी। विभागीय मंत्री को इस बात का डर सताने लगा कि रीना कुमारी की मौत से उनकी बनी-बनाई छवि को नुकसान पहुंचेगा और इसलिए यह हंगामा खड़ा किया गया।

अमर बाउरी ने इन घटनाओं का जिक्र किया है
अमर बाउरी ने कहा कि जामताड़ा के 3 बार के विधायक डॉ. इरफान अंसारी को स्वास्थ्य जैसा महत्वपूर्ण विभाग मिला है, लेकिन प्रतिदिन कोई ना कोई शिकायत आती है। पूरा महकमा खटिया पर है। उन्होंने कहा कि गुमला में सरकारी एंबुलेंस स्टार्ट नहीं होने की वजह से एक 14 साल की बच्ची ने अपनी मां की गोद में दम तोड़ दिया। चाईबासा में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ा दिया गया। अब उनके गृहजिले में एक ऐसी महिला की मौत हो गई, जो पैरों पर चलकर अपने शिशु को जन्म देने आई थी। परिवार वाले इंतजार में थे कि रीना रथयात्रा वाले दिन नौनिहाल को लेकर आएगी, लेकिन घर पर उसकी लाश पहुंची।

सरकारी मशीनरी ने रीना और बच्चे को मारा!
भाजपा नेता ने सरकारी मशीनरी पर रीना और उसके बच्चे की जान लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि परिवार वालों को उनकी मृत देह थमाकर कहा गया कि हम बेहतर इलाज के लिए रेफर कर रहे हैं। दूसरे अस्पताल में परिजनों को बताया गया कि रीना और उसके अजन्मे शिशु की मौत हो चुकी है। परिजन जब सदर अस्पताल वापस पहुंचे तो आरोप है कि उनकी शिकायतों को डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने नजरअंदाज किया।

मंत्री के खास लोगों पर हिंसा भड़काने का आरोप!
अमर बाउरी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी। प्रबंधन की जवाबदेही तय करके मामले की गहन जांच करानी चाहिए थी, लेकिन उन्हें अपनी छवि की चिंता ज्यादा थी। उन्होंने कहा कि रथयात्रा के दौरान इलाज में लापरवाही से जच्चा और बच्चा की मौत काफी शर्मनाक है। अमर बाउरी ने कहा कि स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता इरशादुल हक और स्वास्थ्य मंत्री के पीए अजहर अंसारी की धरना स्थल पर गतिविधि काफी संदिग्ध थी और उन्होंने ही प्रदर्शन को डायवर्ट किया।
उन्होंने कहा कि मृतका रीना का शव लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे परिजन साढ़े 4 घंटे तक इंतजार करते रहे कि कोई जवाबदेह अधिकारी आकर उनकी बात सुनेगा, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो लोगों का धैर्य जवाब दिया गया। अमर बाउरी ने कहा कि ऐसा प्रियजन, जो कुछ घंटे पहले पैदल चलकर अस्पताल आया हो और फिर लाश में तब्दील हो जाए तो आप उसकी मनस्थिति का अंदाजा लगा सकते हैं।