द फॉलोअप डेस्क:
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की ओर से नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर एफआईआर करने की धमकी दिए जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने तंज किया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने कहा कि यदि मंत्री इरफान अंसारी में हिम्मत है तो आगे बढ़कर फौरन बाबूलाल मरांडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना चाहिए, ताकि इसी बहाने एंबुलेंस घोटाले की फाइल भी खुल जाएगी। अजय शाह ने कहा कि इसी बहाने जनता को भी पता चल जाएगा कि सेवा के नाम पर कितनी गड़बड़ी की गई है।
अजय साह ने मंत्री डॉ. अंसारी से कहा कि ईडी ऐसे ही कहीं से नहीं टपक पड़ती है। पहले कहीं एफआईआर दर्ज कराई जाती है, जिसके आधार पर एजेंसी ईसीआईआर दर्ज करती है। तब जाकर सारे खाते और लेन-देन सामने आते हैं।
. @IrfanAnsariMLA जी ED हवा में नहीं उतरती…पहले कहीं FIR दर्ज होती है, फिर उसी आधार पर वो ECIR ( Enforcement Case Information Report ) दर्ज करती है, फिर हिसाब-किताब सब बाहर आता है। तो हिम्मत है तो जल्दी से @yourBabulal जी पर FIR कराइए न! ताकि उसी बहाने “एम्बुलेंस घोटाले” की फाइल…
— Ajay Sah (@ajaysahspeaks) May 28, 2026
प्रवक्ता अजय शाह ने क्या चुनौती दी
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने कहा कि ऐसा ना हो कि दूसरों के लिए खोदा गया गड्ढा आपके अपने ही दरवाजे पर आकर खत्म हो। जब जांच निष्पक्ष होती है तो वह पोस्टर पर नहीं दिखती। वह सीधे कागजों, पैसों और हस्ताक्षरों पर जाती है। जनता भी बहुत लंबे समय से सिर्फ बयान ही सुनती आ रही है। अब समय आ गया है कि कुछ असली खाते और रिकॉर्ड देखे जाएं।

बाबूलाल मरांडी ने क्या आरोप लगाए
गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करके महालेखाकर की आरंभिक ऑडिट रिपोर्ट के हवाले से स्वास्थ्य विभाग में एंबुलेंस घोटाला, दवा घोटाला और प्रोक्योरमेंट कंसल्टेंट के रूप में शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव की नियुक्ति में अनियमितता का आरोप लगाया था। बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि यदि मौजूदा सरकार ने जांच नहीं कराई तो जब भी भाजपा की सरकार झारखंड में बनेगी, इन सारे घोटालों की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाएगी और जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
जवाब में प्रेस वार्ता करते हुए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए बाबूलाल मरांडी को चुनौती दी थी कि यदि उन्होंने हफ्तेभर में अपने आरोपो के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया तो उनके खिलाफ केस दर्ज कराकर उनको जेल भेज देंगे।