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बजट सत्र में छात्रवृत्ति पर आपस में टकराएगा पक्ष-विपक्ष, धान और विधि व्यवस्था पर विपक्ष चलाएगा तीर, पक्ष केंद्र के सौतेला व्यवहार को मुद्दा बनाएगा

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द फॉलोअप डेस्क
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 मार्च को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण से प्रारंभ होगा। राज्यपाल अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियां और भावी कार्यक्रमों की जानकारी देंगे। 19 मार्च तक चलनेवाले इस बजट सत्र के पूरी तरह हंगामेदार होने के आसार हैं। पक्ष और विपक्ष इसके लिए अपने अपने मुद्दे को तलाशने और धार देने की कोशिश में लग गए हैं। इधर कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में बनी सहमति के अनुसार अब 23 फरवरी को विधानसभा की कार्यवाही स्थगित रहेगी। शेष दिनों में सदन की कार्यवाही यथावत रहेगी। उस दिन राज्य में होनेवाले नगर निकाय चुनाव के मतदान को लेकर छुट्टी रहेगी। 20 फरवरी को सदन में वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय अनुपूरक बजट पेश की जाएगी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अनुपूरक बजट पर 23 फरवरी को चर्चा की जानी थी। लेकिन 21 फरवरी को छुट्टी को रद्द करते हुए अब अनुपूरक बजट पर 21 को ही चर्चा होगी और 23 को छुट्टी रहेगी। मालूम हो कि 24 फरवरी को राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेगी। 


लगभग 1.61 लाख करोड़ का हो सकता है बजट
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर लगातार दूसरी बार 24 फरवरी को सदन में हेमंत सोरेन सरकार का आम बजट पेश करेंगे। बजट तैयारी को लेकर सरकार और विभागों की सक्रियता फिलहाल चरम पर है। वित्त विभाग ने सभी सचिवों को पत्र लिख कर विभागीय उपलब्धियां औरआवश्यकताओं की जानकारी देने का निर्देश दिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस बार बजट राशि में लगभग 9 फीसदी की बढोत्तरी किए जाने का अनुमान है। वित्तीय वर्ष 2025-26 का मूल बजट एक लाख 45 हजार करोड़ का था। इसमें लगभग नौ फीसदी की वृद्धि करते हुए एक लाख 61  हजार करोड़ का बजट अनुमान बताया जा रहा है। इस बार आम बजट में सरकार फिर महिला, युवा और कृषि पर विशेष फोकस कर सकती है। खेल-खिलाड़ी और पर्यटन विकास पर जोर दे सकती है। किसानों को राहत देने पर भी जोर देगी।
स्पीकर ने विभाग को ससमय सही जवाब देने का निर्देश दिया तो दलों से सदन के संचालन में सहयोग का आग्रह
बजट सत्र को लेकर स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने आज वरीय अधिकारियों और विधायक दल के नेताओं के साथ अलग अलग बैठक की। इसमें स्पीकर ने अधिकारियों से विधायकों के सवालों का सही जवाब और ससमय भेजने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सवालों के परिप्रेक्ष्य में विभाग जवाब दे। प्रश्न कुछ और जवाब कुछ नहीं होने चाहिए। वहीं विधायक दल की बैठक में स्पीकर ने सदन के शांतिपूर्ण और सफल संचान में सहयोग का आग्रह किया। जनता की समस्याओं पर अधिक से अधिक चर्चा और उसका हल निकले, इसमें सहयोग करने का आग्रह किया।


मनरेगा, छात्रवृत्ति, वृद्धावस्था पेंशन पर केंद्र को घेरेगा सत्ता पक्ष
बजट सत्र में विपक्ष मनरेगा का नाम बदल कर जी रामजी किए जाने, छात्रवृत्ति की राशि का आवंटन नहीं करने और वृद्धावस्था पेंशन की राशि नहीं मिलने को लेकर केंद्र सरकार को घेरेगा। इसके अलावा केंद्र सरकार के सौतेले व्यवहार भी सत्ता पक्ष के तरकश में प्रमुख तीर रहेंगे। कोयला कंपनियों के यहां बकाये 1.36 लाख करोड़ की बकाया राशि की मांग बार बार उठेगी। साथ ही केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि रोके जाने पर भी सत्ता पक्ष बार बार बिफरेगा। उनमें नल जल योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं और उसकी बकाया राशि प्रमुख होंगी।

छात्रवृत्ति का भुगतान, धान क्रय, गिरती कानून व्यवस्था पर उबेगा विपक्ष
राज्य की प्रमुख सत्ताधारी दल भाजपा और उसकी सहयोगी आजसू और जदयू राज्य में गिरती कानून व्यवस्था और अपराध पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। डीजीपी की नियुक्ति को लेकर भी उठाए जाएंगे सवाल। इसके अलावा राज्य के लाखों छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं होने तथा धान क्रय में अनियमितता और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाएगी। इसके भाजपा शराब घोटाला, डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया और उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के भ्रष्टाचार पर सरकार से सवाल पूछेगी। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में गड़बड़ी और महिला सुरक्षा को भी मुद्दा बनाएगी। बालू का उठाव और भ्रष्टाचार भी विपक्ष का प्रमुख हथियार रहेगा।

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