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शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार : सुप्रियो भट्टाचार्य

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रांची

झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आज पीसी कर कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था शर्मसार करने वाली स्थिति में पहुंच गई है। जब दुनिया नई ऊंचाइयों को छू रही है, उस समय देश की शिक्षा प्रणाली समाप्ति की स्थिति में है और इसका पूरा श्रेय भाजपा तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जाता है, जो लगातार नए-नए प्रयोग कर रहे हैं।

NEET, NTA और CUET को लेकर उठाए सवाल
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जब से मोदी सरकार 2.0 बनी है, तब से RSS ने शिक्षा व्यवस्था पर संस्थागत कब्जा कर लिया है। इसके बाद नई शिक्षा नीति (NEP), NTA और कई अन्य प्रयोग शुरू किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार दो बार NTA द्वारा आयोजित NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हुए। इस वर्ष भी NEET परीक्षा में गड़बड़ियां सामने आईं, जिसके बाद 18-20 वर्ष के कई छात्र-छात्राएं आत्महत्या तक करने लगे। उन्होंने कहा कि CUET जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को बड़े-बड़े निजी संस्थानों की ओर धकेला जा रहा है, जबकि पहले कॉलेज और विश्वविद्यालय अपनी मेरिट सूची जारी कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करते थे। अब सरकार की गलती का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।

CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया पर भी निशाना
झामुमो नेता ने कहा कि CBSE का परिणाम आने के बाद ऑन-स्क्रीन मार्किंग को लेकर कई सवाल खड़े हुए। केंद्र सरकार ने जांच कराने की बात कही, लेकिन रांची के एक 17 वर्षीय छात्र ने पूरे मामले की पोल खोलकर रख दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर पैसे लेकर एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को काम दिया गया। उन्होंने कहा कि CBSE घोटाले का पर्दाफाश करने वाले बच्चों को पाकिस्तानी और देशद्रोही तक कहा गया, जो बेहद चिंताजनक है।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले ‘मन की बात’ में छात्रों से तनाव नहीं लेने और सरकार के साथ होने की बात कहते थे, लेकिन अब उन्हें यह कहना चाहिए कि उनके मंत्री ने छात्रों के साथ धोखा किया है और विद्यार्थियों ने सरकार की आंखें खोलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि CBSE और NTA से जुड़े मामलों का पर्दाफाश होने के बाद धर्मेंद्र प्रधान को मंत्री पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं रह गया है।

27 लाख विद्यार्थियों के साथ धोखा

उन्होंने आरोप लगाया कि 27 लाख विद्यार्थियों के साथ धोखा किया गया है। यदि समाज से शिक्षा ही समाप्त हो जाएगी तो देश आगे कैसे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले सरकार यह तय करना चाहती थी कि उसे कौन वोट देगा, अब यह तय किया जा रहा है कि कौन पढ़ेगा। शिक्षा बजट में लगभग छह प्रतिशत की कटौती का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है, जो देश के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

 

Tags - Education System NTA NEET CBSE Dharmendra Pradhan