नंदलाल तुरी
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का पाकुड़ आगमन हुआ। इस मौके पर उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। अध्यक्ष के द्वारा राजस्व, कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, योजना, मत्स्य, पंचायती राज, पशुपालन, वन, आपदा, खनन, श्रम सहित अन्य विकास योजनाओं से संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई।
उन्होंने इस दौरान जिले के कार्यालयों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से हुई नियुक्तियों में आरक्षण के लाभ/प्रावधान की स्थिति, पिछड़े वर्ग के नागरिकों के जाति, आवासीय एवं नॉन क्रीमीलेयर प्रमाण-पत्रों के निर्गत हेतु लंबित आवेदन की समीक्षा की। इसके अलावा प्राकृतिक आपदा से होने वाली मृत्यु और आर्थिक क्षति में पिछड़े वर्गों के व्यक्तियों को दिए गए मुआवजे की समीक्षा, हाथियों द्वारा होने वाली मृत्यु और क्षति में पिछड़े वर्गों को दिए गए मुआवजे की समीक्षा की गई।
पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति, शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत जिले के निजी स्कूलों में नामांकन की समीक्षा, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत पिछड़े वर्गों के लाभुकों की संख्या की समीक्षा की गई। इसके साथ ही पशुपालन एवं गव्य से संबंधित योजनाओं की समीक्षा, मत्स्य निदेशालय द्वारा संचालित योजनाओं में पिछड़े वर्गों के लाभुकों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
भू-अर्जन से संबंधित मामलों की समीक्षा के अलावा कई अन्य बिंदुओं पर भी बारी-बारी से चर्चा की गई। अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि आउटसोर्सिंग के तहत सरकारी एवं निजी क्षेत्र में कार्यरत पिछड़े वर्गों की संख्या और 75 प्रतिशत स्थानीय आरक्षण का पालन होने की स्थिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। इसके साथ ही जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्रों का निष्पादन तय समय में करने, भू-अर्जन के मामलों में रैयतों को मुआवजा भुगतान में तेजी लाने, और आपदा के तहत प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि सर्पदंश से मृत व्यक्ति के परिजनों को मुआवजा, हाथी द्वारा होने वाली क्षति का मुआवजा और गरीबी रेखा के बच्चों का स्कूल में नामांकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने योजनाओं से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने और उन्हें रोजगार प्रदान करने के लिए निर्देश दिए। साथ ही किसानों को नुकसान नहीं होने देने और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें।
इस मौके पर उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया, परियोजना निदेशक आईटीडी अरुण कुमार एक्का, अनुमंडल पदाधिकारी साईमन मरांडी, सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय सिंह बड़ाईक, जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू, जिला शिक्षा अधीक्षक नयन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती, नगर परिषद के प्रशासक अमरेन्द्र कुमार चौधरी, जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार, श्रम अधीक्षक गिरीश चंद्र प्रसाद, प्रखंड विकास पदाधिकारी समीर अल्फ्रेड मुर्मू (पाकुड़), प्रखंड विकास पदाधिकारी दिलीप टुडु (हिरणपुर), अंचलाधिकारी अरबिंद बेदिया (पाकुड़), खनन निरीक्षक सुबोध सिंह समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
