द फॉलोअप डेस्क
नए हाईकोर्ट भवन में वकीलों और मुवक्किलों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में सरकार के जवाब पर झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अदालत ने नाराजगी जतायी है। सरकार के जवाब को अदालत ने नामंजूर कर दिया है। अदालत ने कहा कि जवाब अस्पष्ट है। याचिकाकर्ता की ओर से उठाए गए बिंदुओं की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई दो मार्च को होगी। वहीं, सरकार के शपथपत्र से नए हाईकोर्ट भवन में सुविधाओं की जानकारी नहीं मिल रही है। इसलिए अदालत वकीलों की चार सदस्यीय कमेटी का गठन करती है। कमेटी में अधिवक्ता मनोज टंडन, पीएएस पति, कौशिक सरखेल और अधिवक्ता अंकित सरखेल को शामिल किया गया है।कमेटी से कहा गया है कि 26 और 27 फरवरी को दौरा कर वहां मौजूद सुविधाओं पर रिपोर्ट पेश करे।

समय-समय पर करें निरीक्षण
हाईकोर्ट ने अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार से कहा कि भवन निर्माण में शामिल सभी प्राधिकार से बात करें। सुविधाओं की जानकारी लें और हाईकोर्ट भवन का समय-समय पर निरीक्षण करें। वहीं, कोर्ट ने वकीलों के निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण विभाग को कम से कम दो अधिकारियों को मौजूद रखने का निर्देश दिया। अधिकारियों को वकीलों की कमेटी को सहयोग करने का निर्देश भी अदालत ने दिया है। कोर्ट ने कमेटी को दो मार्च तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने कहा।

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