द फॉलोअप डेस्क
लोहरदगा जिले के कुड़ू प्रखंड अंतर्गत जिमा पंचायत में एक गरीब परिवार पर कुदरत कहर बनकर टूटी। बीते 23 अगस्त की सुबह हुई मूसलधार बारिश में जिमा चौक निवासी रोजामत का कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। सौभाग्य से उस वक्त घर के सभी सदस्य अंदर मौजूद थे, लेकिन किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल आए। हालांकि, इस हादसे ने रोजामत के परिवार से उनका एकमात्र आशियाना छीन लिया।
रोजामत सब्ज़ी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस परिवार के लिए अब सिर पर छत भी नहीं बची। रोज की जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे रोजामत अब अपने छोटे-छोटे बच्चों और परिवार को लेकर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। इस विकट परिस्थिति में उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सहायता की अपील की है। रोजामत का कहना है कि उनके पास न तो कोई दूसरी संपत्ति है और न ही इतनी बचत कि वे नया घर बना सकें।
स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों का भी कहना है कि प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेते हुए इस परिवार के लिए अस्थायी आवास, भोजन, कपड़े और अन्य ज़रूरी सामान उपलब्ध कराना चाहिए। साथ ही सरकार से मांग की जा रही है कि प्रधानमंत्री आवास योजना या अन्य योजनाओं के तहत जल्द से जल्द इन्हें स्थायी मकान मुहैया कराया जाए।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार की पीड़ा है, बल्कि यह पूरे समाज और शासन-प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है कि आपदा प्रबंधन और गरीबों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। परिवार ने स्थानीय प्रशासन और सरकार से अपील की है कि परिवार को तुरंत राहत और आवास मुहैया कराई जाए, ताकि वे एक बार फिर सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
