द फॉलोअप डेस्क
झारखंड सरकार समन्वय समिति के सदस्य और पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की की अध्यक्षता में आक उनके मोरहाबादी स्थित आवास पर वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल-2025 में अपलोड करने, एसआईआर, मदरसा आलिम-फाजिल डिग्री और मुस्लिम समुदाय के न्याय- अधिकार से जुड़े मुद्दों पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में रांची शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के उलेमा, अधिवक्ता, दानिश्वर, सोशल वर्कर और अंजुमन एवं सामाजिक संगठनों के लोग उपस्थित थे।
परिचर्चा का संचालन आमया संगठन के अध्यक्ष एस अली ने किया। उन्होंने कहा कि बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 के तहत प्राप्त अधिकारों को सरकार के अधिकारियों द्वारा छीना जा रहा है। उन्होंने बताया कि जैक द्वारा 2003 से 2023 तक दी गई मदरसा आलिम-फाजिल डिग्री की मान्यता समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, पूर्व उर्दू सहायक शिक्षक के रिक्त 3712 पदों पर बहाली के बजाए पद सरेंडर कर दिए गए, उर्दू स्कूलों का स्टेटस छीनकर सामान्य विद्यालय बना दिया गया, 10 जून 2022 की गोलीकांड घटना पर पीड़ितों को न्याय नहीं मिला और मॉब लिचिंग रोकथाम कानून लागू नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भैंस वंशीय पशुओं का स्लॉटर होता है, लेकिन झारखंड में इस पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि राज्य में स्थापित वक्फ संपत्तियां, जो वक्फ बाय यूजर के तहत आती हैं, उनका मालिकाना हक सरकार द्वारा निर्धारित होना चाहिए, जिस पर कोई पहल नहीं हो रही है। इसके साथ ही एसआईआर में 2003 के मतदाता सूची में कई परिवारों के नाम और टाइटिल में त्रुटि है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि सरकार को मुस्लिम समुदाय के ऐसे सभी मामलों पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल में अपलोड कराने को लेकर 25 नवम्बर 2025 को हज हाउस, रांची में वर्कशॉप और 07 दिसम्बर 2025 को मुस्लिम प्रतिनिधि सभा आयोजित करने की घोषणा की।
परिचर्चा में मुख्य रूप से वरीय अधिवक्ता मुख्तार खान, मोमिन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मंजूर अंसारी, अकीलुर रहमान, मौलाना शाबिर, अधिवक्ता मुमताज खान, मौलाना मनीर, मौलाना अब्दुल कय्यूम, मौलाना बेलाल कासमी, खुर्शीद हसन, मुफ्ती अब्दुल्लाह अजहर, हाजी फिरोज, तनवीर अहमद, मो इस्लाम, फजलूल कदीर, जियाउल होदा, कमरूल हक, हसन अंसारी, नदीम खान, नूरुल्ला नदवी, नेहाल अहमद, ऐनुल हक, अताउल्लाह अंसारी, मुन्तजिर अहमद, मजकूर आलम, शमीम अख्तर, महबूब आलम, औरंगजेब खान सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।