द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग के मटवारी इलाके में मंगलवार शाम टाटा मोटर्स में कुक के पद पर कार्यरत रामपथ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि यह मामला सड़क दुर्घटना है या किसी सुनियोजित वारदात का परिणाम।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वे बगल के एक घर में कारपेंटर का काम कर रहे थे। इसी दौरान बाहर अचानक हो-हल्ला सुनाई दिया। बाहर निकलने पर उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति सड़क पर गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में गिरा हुआ है। उसके सिर और नाक से लगातार खून बह रहा था और शरीर पर भी गंभीर चोटें थीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत कपड़ों से खून रोकने का प्रयास किया और घायल व्यक्ति को उठाकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत की पुष्टि हुई। घटना स्थल पर किसी वाहन के स्पष्ट निशान न मिलने से लोगों की शंका और गहराती जा रही है।
मृतक की पत्नी बबीता, जो विनोबा भावे विश्वविद्यालय में सहायक कर्मचारी हैं, ने बताया कि दोपहर में उनके पति उन्हें यूनिवर्सिटी से घर छोड़कर गए थे। इसके बाद वे सिंदूर स्थित मकान मालिक के पास रेंट एग्रीमेंट पर साइन करवाने गए थे, क्योंकि वे नई गाड़ी खरीदने की तैयारी में थे, जिसके लिए यह कागज जरूरी था।
बबीता ने कहा कि उनके पति ने घर से निकलतेसमय कहा था कि “पांच मिनट में वापस आता हूँ।” लेकिन थोड़ी देर बाद उन्हें फोन आया कि वे अपना आधार कार्ड लेकर आएं, रामपथ एक्सीडेंट का शिकार हो गए हैं। बबीता का कहना है कि यह किसी भी तरह से सामान्य दुर्घटना नहीं लग रही है। उन्होंने कहा कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वे रोज मेहनत कर परिवार चलाने वाले लोग थे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि घटना की सच्चाई जल्द सामने लाई जाए और दोषियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए।
घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि यह मौत वास्तव में सड़क दुर्घटना है या इसके पीछे कोई सुनियोजित घटनाक्रम छिपा हुआ है। फिलहाल सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। उधर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना स्थल की पड़ताल की जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि रामपथ की मौत एक हादसा थी या किसी साजिश का हिस्सा।